महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : अनीता गुप्ता
कानपुर, 19 जून (हि.स.)। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कर पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाएगा। यह बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान कहीं।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने आज सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई कर महिलाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान कुल 15 प्रकरणों पर गहनता और संवेदनशीलता के साथ विचार किया गया। प्राप्त शिकायतों में घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही।
अनीता गुप्ता ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए और पीड़ित महिलाओं को आवश्यक कानूनी सहायता व संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि महिला जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। महिलाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा अथवा भेदभाव की स्थिति में आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय पर न्याय और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जनसुनवाई में एसीएम-2 ऋतुप्रिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह, महिला थानाध्यक्ष कमर सुल्ताना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके बाद अनीता गुप्ता ने ग्राम पंचायत सिंहपुर में जिला कार्यक्रम अधिकारी विभाग द्वारा आयोजित महिला जन-जागरूकता चौपाल, पोषण पंचायत एवं स्वास्थ्य शिविर में भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने स्वास्थ्य, पोषण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं का स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर होना एक सशक्त समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही माताओं और अभिभावकों से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम में महिलाओं को संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया से बचाव, पोषण संबंधी सावधानियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं, जबकि पोषण पंचायत के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक आहार, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता कर महिला कल्याण योजनाओं, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी विषयों की जानकारी प्राप्त की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

