अग्निशमन सेवा में तत्परता और समर्पण की हाेती है आवश्यकता : महानिदेशक
गोरखपुर, 18 मार्च (हि.स.)। अगामी फायर सीजन को देखते हुए अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं सुजीत पाण्डेय ने बुधवार काे गोरखपुर के अग्निशमन केन्द्र गोलघर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग की तैयारियों को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
महानिदेशक ने निरीक्षण के दौरान अग्निशमन वाहनों, उपकरणों, बैरक, कंट्रोल रूम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक उपकरण की कार्यक्षमता के बारे में जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी संसाधन हर समय कार्यशील अवस्था में रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए उपकरणों का पूरी तरह तैयार रहना बेहद आवश्यक है।
फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि अग्निशमन वाहनों और उपकरणों की नियमित जांच की जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को तुरंत दूर किया जाए, ताकि आग लगने की घटनाओं में समय पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग की सक्रियता ही जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
निरीक्षण के उपरांत महानिदेशक ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक सम्मेलन भी किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की ड्यूटी, प्रशिक्षण और कार्य अनुभवों पर चर्चा की। साथ ही उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक समस्याओं की जानकारी लेते हुए समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अग्निशमन सेवा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें तत्परता और समर्पण की आवश्यकता होती है।
इसके बाद महानिदेशक ने जोन के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अग्निशमन केन्द्रों पर उपलब्ध स्टाफ की स्थिति, वाहनों और उपकरणों की उपलब्धता, नवनिर्मित अग्निशमन केन्द्रों के निर्माण कार्य की प्रगति तथा आगामी फायर सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी संसाधनों की कमी है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही नए अग्निशमन केन्द्रों के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विभाग की पहुंच और क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि अग्निशमन विभाग को हर परिस्थिति में तत्पर रहना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की तैयारी जितनी मजबूत होगी, उतनी ही तेजी और प्रभावशीलता से आपात स्थितियों का सामना किया जा सकेगा।
इस निरीक्षण और समीक्षा बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि शासन अग्निशमन सेवाओं को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। विभाग को अलर्ट रखते हुए आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

