छात्रों के लिए ‘भावनात्मक कल्याण एवं जीवन प्रबंधन’ पाठ्यक्रम शुरू होगा : कुलपति
कानपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। आज के प्रतिस्पर्धात्मक और अत्यधिक दबाव वाले शैक्षणिक माहौल में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए भावनात्मक, मानसिक और व्यवहारिक दक्षताओं का विकास जरूरी है। इसी सोच के तहत विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष के सभी छात्रों के लिए ‘भावनात्मक कल्याण एवं जीवन प्रबंधन’ नाम से अर्हता प्राप्त (क्वालिफाइंग) पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।
उन्होंने बताया कि विद्या परिषद की बैठक में छात्र हित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। आगामी सत्र से सभी विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से निपटने, समय प्रबंधन, आत्म-जागरूकता और जीवन कौशल विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जिससे वे शैक्षणिक, व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम परिसर के रूप में विकसित करने का निर्णय भी लिया गया। इसके तहत शिक्षण, शोध, प्रशासन और छात्र सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणालियों का उपयोग होगा। संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे तथा आवश्यक अवसंरचना विकसित की जाएगी।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी विद्यार्थियों के लिए रोज़गारपरक ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। साइबर सुरक्षा, सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय साक्षरता, भविष्य का कार्यक्षेत्र और क्वांटम कम्प्यूटिंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही विभिन्न स्कूलों में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे और सभी प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में एक सेमेस्टर की इंटर्नशिप/औद्योगिक प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

