home page

बिना स्वीकृत बजट के बिजली लाइन शिफ्ट करने में जेई सस्पेंड

 | 
बिना स्वीकृत बजट के बिजली लाइन शिफ्ट करने में जेई सस्पेंड


फर्रुखाबाद,19 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के ग्राम नेकपुर खुर्द में बिना स्वीकृत एस्टीमेट के 11 केवी विद्युत लाइन शिफ्ट किए जाने का मामला सामने आने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर प्रभारी अवर अभियंता (जेई) रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

उक्त मामला उस समय उजागर हुआ जब खेत के बीच से गुजर रही 11 केवी लाइन को बिना अनुमति और बिना तकनीकी स्वीकृति के किनारे शिफ्ट कर दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि लाइन के पोल को जल्दबाजी में हटाकर किनारे स्थापित कर दिया गया था। मौके पर खुदाई के निशान भी मिले, जबकि खेत का बाकी हिस्सा सामान्य स्थिति में था।

जांच में यह भी सामने आया कि लाइन के एक फेज पोल की अर्थिंग टूटी हुई थी और तार जमीन के काफी करीब लटक रहा था, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई थी। पोल पर लगा स्टे वायर भी टूटा पाया गया और उसका दूसरा सिरा जमीन पर लटक रहा था। इसके अलावा पास से गुजर रही फोन लाइन भी अत्यंत नजदीक थी, जो संभावित दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती थी।

प्रभारी जेई रमेश कुमार से जब इस संबंध में नोटिस, स्वीकृति या शिफ्टिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने केवल अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

जांच में यह भी पाया गया कि बिना एस्टीमेट और अनुमोदन के लाइन शिफ्ट करने से विभाग को राजस्व हानि हुई, जिसकी भरपाई के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया। साथ ही विभागीय सामग्री के नुकसान पर भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

अधिकारियों ने पाया कि संबंधित जेई अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर रूप से लापरवाह रहे और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने में भी विफल रहे। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया।

अधीक्षण अभियंता यादवेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त सभी तथ्यों के आधार पर प्रभारी अवर अभियंता रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड कायमगंज कार्यालय से संबद्ध किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के साथ ही अन्य संबंधित कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar