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फिरोजाबाद के रपड़ी क्षेत्र को ईको टूरिज्म हब के रूप में किया जा रहा विकसित

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फिरोजाबाद के रपड़ी क्षेत्र को ईको टूरिज्म हब के रूप में किया जा रहा विकसित


ईको पार्क के लिए तैयार हो रही वन्यजीवों की विशाल प्रतिमाएं

लखनऊ/फिरोजाबाद, 09 मई (हि.स.)। फिरोजाबाद के रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र में विकास कार्यों ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत करीब 3.47 करोड़ रुपये की परियोजना पर जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहली किश्त के रूप में 2.60 करोड़ रुपये जारी होने के बाद कार्यों में तेजी देखी जा रही है। इस परियोजना के तहत रपड़ी ईको पार्क एक आधुनिक और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यहां बच्चों के लिए आधुनिक प्ले जोन, नया एंट्रेंस गेट, सैंड स्टोन बेंच, साइनिज और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही पार्क में मगरमच्छ, हाइना, कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन रॉक पाइथन जैसी वन्यजीवों की जीवन आकार प्रतिमाएं लगने कि लिए तैयार हो रही हैं, जो पर्यटकों और बच्चों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र होंगी। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यहां रूफ टॉप सोलर फोटो वोल्टाइक पावर सिस्टम का कार्य भी प्रगति पर है, जिससे ईको फ्रेंडली पर्यटन मॉडल को मजबूती मिलेगी।

पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का हो रहा विकास

ईको पार्क में बैठने की आधुनिक और आरामदायक व्यवस्था, पर्यटकों के लिए आकर्षक विश्राम स्थल, बेहतर और ऊर्जा-कुशल लाइटिंग सिस्टम, सुव्यवस्थित मार्ग विकास के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। इन सभी कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि पार्क को एक व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटकों के अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सके। जैसे-जैसे ये विकास कार्य पूरे होते जाएंगे, रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र की पहचान एक प्रमुख और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत होती जाएगी। इससे न केवल स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि यह स्थल परिवारों, बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में भी उभरेगा।

रपड़ी को नेचर टूरिज्म का नया हब बनाया जा रहा है- जयवीर सिंह

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसका प्रभाव जल्द ही जमीन पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “यह परियोजना न केवल पर्यटन विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यहां ईको फ्रेंडली और सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है।”

मंत्री ने आगे कहा कि, सोलर एनर्जी, आधुनिक लाइटिंग, आकर्षक साइनिज और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के जरिए रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र को एक नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यह आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख नेचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन