दुर्गा पूजा महासमिति का 47वां पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न
जौनपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जाैनपुर जिले में श्री दुर्गा पूजा महासमिति का 47वां पुरस्कार वितरण समारोह रविवार देर रात मां के जयकारों के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह, सारस्वत अतिथि पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग डॉ. आरएन त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मनोरमा मौर्य मौजूद रहीं। अध्यक्षता महासमिति के अध्यक्ष मनीष देव ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती की प्रतिमा के पूजन-अर्चन और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। महासचिव मनीष गुप्ता ने अतिथियों, पूजा समितियों, लंगर समितियों और सामाजिक संगठनों का स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय भजन गायक रविन्द्र सिंह ‘ज्योति’ सहित कलाकारों ने देवी गीत प्रस्तुत कर वातावरण भक्तिमय बना दिया।
इस दौरान निर्णायक मंडल के सदस्यों, स्वयंसेवी व धार्मिक संगठनों, लंगर समितियों तथा रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने महासमिति की उपलब्धियों और नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि ज्ञान प्रकाश सिंह ने महासमिति की संगठनात्मक व्यवस्था की सराहना करते हुए आगामी नवरात्र में सहयोग का आश्वासन दिया।
अध्यक्ष मनीष देव ने कहा कि पूजा समितियों को सड़क, गली, नाली, सफाई और बिजली से संबंधित समस्याओं का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
पुरस्कारों में रासमंडल प्रथम: पूजा एवं पंडाल व्यवस्था में श्री रासमंडल दुर्गा पूजनोत्सव समिति प्रथम, महाशक्ति संस्था गौशाला परिसर द्वितीय तथा नवयुग संस्था और त्याग संस्था संयुक्त रूप से तृतीय रहे। पंडाल-झांकी में मां अष्टभुजी संस्था कन्हईपुर प्रथम रही। दैनिक मार्ग सजावट में भी मां अष्टभुजी संस्था ने पहला स्थान प्राप्त किया।
ग्रामीण क्षेत्र की पूजा एवं पंडाल व्यवस्था में बाल नवदुर्गा पूजा समिति धनियामऊ प्रथम रही। विजयदशमी की विसर्जन शोभायात्रा में गीतांजलि संस्था जागेश्वरनाथ प्रथम और पुष्पांजलि संस्था अल्फस्टीनगंज द्वितीय रही। शोभायात्रा की झांकी व्यवस्था में श्री दुर्गा पूजा समिति फलवाली गली ओलंदगंज प्रथम रही।
संचालन महेन्द्र देव विक्रम और गौरव श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। आभार उपाध्यक्ष डॉ. विजय रघुवंशी ने जताया। उक्त जानकारी महासमिति के मीडिया प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने सोमवार को दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

