home page

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चिरंजीलाल 'चंचल' हिन्दी साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित

 | 
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चिरंजीलाल 'चंचल' हिन्दी साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित


मुरादाबाद, 13 सितम्बर (हि.स.)। महानगर की सुप्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था हिन्दी साहित्य संगम की ओर से रविवार को हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर महानगर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चिरंजी लाल 'चंचल' को हिन्दी साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर समारोह का आयोजन मिलन विहार स्थित आकांक्षा विद्यापीठ इंटर कॉलेज में हुआ। वीरेंद्र सिंह 'ब्रजवासी' द्वारा प्रस्तुत माॅं सरस्वती की वंदना से आरम्भ हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता ओंकार सिंह 'ओंकार' ने की। मुख्य अतिथि डॉ महेश 'दिवाकर' एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में रघुराज सिंह 'निश्चल' मंचासीन हुए। कार्यक्रम का संचालन संस्था के महासचिव जितेंद्र कुमार जौली ने किया।

डॉ. चिरंजी लाल 'चंचल' को सम्मान स्वरूप अंगवस्त्र, मान-पत्र एवं स्मृति चिह्न अर्पित किए गए। डॉ. चिरंजी लाल 'चंचल' के व्यक्तित्व कृतित्व पर आधारित आलेख का वाचन जितेन्द्र कुमार जौली तथा अर्पित मान-पत्र का वचन राजीव प्रखर ने किया।

काव्य पाठ करते हुए डॉ महेश 'दिवाकर' ने सुनाया- भारत की मुस्कान है हिंदी! संस्कृति की पहचान है हिंदी! देती है संदेश प्रेम का, आजादी की शान है हिंदी। डॉ. चिरंजी लाल 'चंचल' ने सुनाया हिन्दी प्यारी उसके प्यारे, हम हिन्द के हम वासी हैं सारे।। कुछ निश्चित अनूठा है हम में, जिससे हम हैं जग में न्यारे।

ओंकार सिंह 'ओंकार' ने सुनाया- हिंदी अपने देश का, गौरव है श्रीमान। जिसका सतत विकास है, भारत का उत्थान॥ भाषा हो ऐसी सरल, समझ सके हर व्यक्ति। अच्छे भावों को मिले, जिससे अद्भुत शक्ति॥ रघुराज सिंह 'निश्चल' ने सुनाया- अत्यंत ही सरल है, हिन्दी का सीखना, संसार में अलग ही, हिन्दी की शान है। हिन्दी की वर्णमाला, ॠषियों की देन है, इस बात से अवगत, सारा जहान है॥ वीरेन्द्र सिंह 'ब्रजवासी' ने कहा हिंदी-हिंदी करते सारे, शब्द विदेशी लगते प्यारे, क, ख, ग दुर्गंध भरे हैं, ए. बी. सी. आँखों के तारे॥

राशिद मुरादाबादी ने सुनाया- हमारी चेतना की पावन, आस है हिंदी, बसी है करोड़ों दिलों की, सांस है हिंदी। विदेशी भाषाएं होंगी अपनी जगह पर, भारत की आत्मा का निवास है हिंदी॥

इस सुअवसर पर प्रदीप शर्मा 'विरल', रामसिंह 'निशंक', राजीव प्रखर, धवल दीक्षित, आवरण अग्रवाल 'श्रेष्ठ', अशोक बाबा, जितेन्द्र कुमार जौली ने भी काव्य पाठ किए। कार्यक्रम में रूपचंद मित्तल, पुलक त्यागी, शलभ शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्था के कार्यकारी महासचिव राजीव 'प्रखर' द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

------------------

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल