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डॉ बृजेश कुमार गुप्ता लीडरशिप अवार्ड 2026 से सम्मानित

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डॉ बृजेश कुमार गुप्ता लीडरशिप अवार्ड 2026 से सम्मानित


बांदा, 26 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा में सुकदेव सिंह लवकुश महाविद्यालय, बबेरू के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार गुप्ता ‘मेवादेव’ को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, शैक्षणिक योगदान तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रतिष्ठित लीडरशिप अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित वर्ल्ड अलायंस ऑफ़ स्कूल प्रिंसिपल्स (डब्ल्यूएएसपी) इंडिया स्कूल लीडरशिप समिट एंड अवार्ड्स 2026 में प्रदान किया गया। इस आयोजन में देश-विदेश के लगभग 300 शिक्षाविदों ने सहभागिता की।

वर्ष 2001 में स्थापित सुकदेव सिंह लवकुश महाविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। संस्थान ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके बौद्धिक, नैतिक और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने वाले इस महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गुप्ता को प्राप्त सम्मान उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा के प्रति समर्पण की उल्लेखनीय पहचान है।

इस प्रतिष्ठित आयोजन के सफल संचालन में डब्ल्यूएएसपी की अध्यक्ष डॉ. दीपशिखा पाठक, संस्थापक डॉ. एन. के. सिन्हा तथा संस्थापक सदस्य पीयूष पंडित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी पहल और डब्ल्यू ए एस पी की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों से आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने शैक्षणिक नेतृत्व, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा भविष्य के लिए सक्षम शिक्षार्थियों के निर्माण से जुड़े विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया।

बृजेश कुमार गुप्ता ‘मेवादेव’ शिक्षाविद्, कवि, लेखक, संपादक एवं शोधकर्ता के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान रखते हैं। वे वर्तमान में वर्ल्ड यूनियन ऑफ पोएट्स, इटली के सेक्रेटरी जनरल हैं। उन्हें वर्ष 2025 में लेबनान का प्रतिष्ठित ‘नाजी नामन साहित्यिक पुरस्कार’, 2024 में इटली का ‘सिटा डेल गैलेटियो–एंटोनियो डी फेरारीस’ अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार तथा 2023 में सर्बिया का ‘अपोलोन सिरमिएन्सिस’ अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनके सम्मान में बिरलैंड द्वारा विशेष डाक टिकट जारी किया जाना भी उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में उल्लेखनीय है। विभिन्न देशों की संस्थाओं ने उन्हें साहित्य के क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट की उपाधियों से सम्मानित किया है। उनके साहित्यिक योगदान पर अतर्रा पी.जी. कॉलेज, बाँदा के एम.एड. छात्र मान सिंह द्वारा लघु शोध भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

डा. गुप्ता ने सोमवार को बताया कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि शिक्षा, साहित्य और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह