स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, खराब प्रदर्शन करने वालों को चेतावनी
कानपुर, 22 जून (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी करने और लंबित कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में साेमवार काे आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण, जननी सुरक्षा योजना तथा आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप न मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जवाबदेह बनने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के 1,03,348 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ कानपुर नगर प्रदेश में पहले स्थान पर है। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर शेष पात्र बुजुर्गों को भी योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जनपद में अब तक 9,20,104 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत उपचार क्लेम के रूप में 201.15 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
समीक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधनू का प्रदर्शन अत्यंत खराब मिलने पर संबंधित एमओआईसी को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं जननी सुरक्षा योजना में सरसौल और कल्याणपुर की कमजोर प्रगति पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। मंत्रा पोर्टल पर दर्ज 6,127 महिलाओं को तीन दिन के भीतर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत तैनात कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति लगातार 10 दिन अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

