दस करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को समय से पूरा कराने पर डीएम का जोर
गोरखपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दस करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि के भीतर सभी कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, उनकी नियमित निगरानी की जाए और निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न होने पाए। जिन परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है, उन्हें उसी गति से आगे बढ़ाते हुए समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करते रहें और यदि किसी परियोजना में किसी स्तर पर बाधा आ रही है तो उसका तत्काल समाधान कराते हुए कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में डीएम ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ ही कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए, ताकि परियोजनाएं निर्धारित मानक के अनुरूप पूरी हों और उनका लाभ आमजन को समय से मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन कार्यों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, उनमें तेजी लाई जाए। कार्यदायी संस्थाएं अपने स्तर से कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें और विभागीय अधिकारी भी मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते रहें। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को संबंधित विभागों को नियमानुसार हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। साथ ही जिन परियोजनाओं में धनराशि, भूमि, तकनीकी स्वीकृति अथवा अन्य किसी कारण से कार्य प्रभावित हो रहा है, उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराते हुए समस्या का समाधान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बड़ी लागत वाली परियोजनाएं जिले के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इनकी प्रगति की नियमित समीक्षा के साथ मौके पर सत्यापन भी आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे परियोजनाओं को समय से पूरा कराकर जनता को उसका लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी शशिकांत सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

