देवरिया के जिलाधिकारी ने पीएचसी भाटपाररानी एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालय का किया निरीक्षण
देवरिया, 29 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार की सुबह बारिश के बीच भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपाररानी एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण, उपस्थिति एवं छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण लगभग 08.03 बजे किए। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका, दवा वितरण पंजिका, वार्ड, ओपीडी एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा मरीजों का उपचार सुचारु रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी को अधिकांश स्वास्थ्य एवं संविदा कर्मी अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कठोर चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार निरीक्षण में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एक गर्भवती महिला प्रसव हेतु अस्पताल आई हुई थी, जिसके साथ आशा कार्यकर्ता भी मौजूद थीं। आशा द्वारा प्रस्तुत मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन (एमसीपी) कार्ड अधूरा पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आशा कार्यकर्ताओं को एमसीपी कार्ड के संबंध में पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है अथवा नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए तथा संबंधित नोडल अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भाटपाररानी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर पठन-पाठन एवं विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने नामांकन के सापेक्ष छात्राओं की उपस्थिति बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिखते हुए निर्देशित किया कि सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित कराई जाए, ताकि अभिभावकों को शिक्षा के महत्व एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जा सके। उन्होंने छात्राओं से पठन पाठन की वास्तविकता परखी और प्रश्न पूछे। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों में लगी टाइल्स टूटी-फूटी पाई गईं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

