स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार के लिए संवाद जरूरी : कुलपति
कानपुर, 06 मार्च (हि.स.)। स्वास्थ्य देखभाल और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद बेहद जरूरी है। ऐसे सम्मेलन नई तकनीकों और शोध को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ विभाग की ओर से 13 और 14 मार्च को स्वास्थ्य देखभाल और फार्मास्यूटिकल्स में सतत लक्ष्यों के लिए नवाचारी रणनीतियाँ: दवा की खोज और विकास को आगे बढ़ाना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नवाचार, शोध और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन की शुरुआत यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा (कनाडा) के प्रो. नील एम. डेविस के ऑनलाइन मुख्य भाषण से होगी। वे अपने संबोधन में फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ और वैज्ञानिक प्रकाशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। सम्मेलन के दौरान कई तकनीकी सत्र, आमंत्रित व्याख्यान और शोध प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
इस सम्मेलन में डॉ. विशाल भार्गव (सिग्ना फार्मास्यूटिकल्स, कानपुर), प्रो. पी.के. त्रिपाठी (लखनऊ विश्वविद्यालय), सुयश गुलाटी (अमर फार्मा, कानपुर), डॉ. निखिल कुमार सचान (यूजीसी, नई दिल्ली), डॉ. नितिन चित्रांशी (ऑस्ट्रेलिया), डॉ. शशांक सिंह (आईआईआईएम, जम्मू), डॉ. सी.एच.वी. राव (एनबीआरआई, लखनऊ), डॉ. कपिल देव (सीमैप, लखनऊ), डॉ. राकेश मौर्य (सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ) और प्रो. राजीव तल्याण (बिट्स पिलानी) आमंत्रित वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. निशा शर्मा और डॉ. स्वर्णाक्षी उपाध्याय हैं, जबकि संयोजक डॉ. शशि किरण मिश्रा हैं। आयोजकों के अनुसार यह सम्मेलन वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में शोध और नवाचार को नई दिशा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

