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रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

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रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु


औरैया, 31 मार्च (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के बिधूना तहसील क्षेत्र के रुरुगंज कस्बा क्षेत्र के निकट ग्राम साहूपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंचे।

कथा व्यास आचार्य पंडित नरेश चन्द्र शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी जी ने बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य और पति मान लिया था। जब उनके विवाह की बात अन्यत्र तय की गई, तब उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपनी व्यथा व्यक्त की। आचार्य ने कहा कि सच्चे प्रेम और अटूट श्रद्धा के बल पर भगवान स्वयं रुक्मिणी जी का हरण कर उन्हें अपने साथ ले गए और विधिपूर्वक विवाह किया।

इस प्रसंग को सुनते ही पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। कथा के दौरान मधुर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्त झूमते नजर आए। भक्ति रस में डूबे इस आयोजन ने सभी को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

आयोजकों द्वारा कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई थी। व्यवस्था सुचारु होने के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। कथा स्थल पर ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग निरंतर पहुंच रहे हैं।

इस अवसर पर शिव प्रकाश मिश्रा, उमा देवी, विनय मिश्रा, गौरव मिश्रा एवं अरविंद द्विवेदी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह बना हुआ है और आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार