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सफेद कबूतर उड़ाकर दिया अमन-चैन का संदेश, देवा मेले का भव्य शुभारंभ

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सफेद कबूतर उड़ाकर दिया अमन-चैन का संदेश, देवा मेले का भव्य शुभारंभ


बाराबंकी, 27 अक्टूबर (हि.स.)। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं देवा में मंगलवार को विश्व प्रसिद्ध देवा मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। आस्था, सूफियाना परंपरा और गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक ऐतिहासिक देवा मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की पत्नी एवं आईएएस अधिकारी रिया केजरीवाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर सफेद कबूतर उड़ाकर शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।

मेले के उद्घाटन के दौरान शेख मोहम्मद हसन गेट पर सफेद कबूतर उड़ाए गए। यह आयोजन अमन-चैन और सामाजिक एकता का प्रतीक बना। देवा की पहचान केवल धार्मिक स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत के केंद्र के रूप में भी है। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से जायरीन, श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।

सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की शिक्षाओं से जुड़ा ‘जो रब है वही राम है’ का संदेश मेले की प्रमुख पहचान है। यह संदेश धर्म और मजहब की सीमाओं से ऊपर उठकर इंसानियत, प्रेम और आपसी सद्भाव का रास्ता दिखाता है। मेले की परंपरा विभिन्न समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश देती है।

उद्घाटन समारोह में उपजिलाधिकारी नवाबगंज एवं आईएएस अधिकारी गूंजीता अग्रवाल सहित मेला कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति की उपस्थिति में मेले की शुरुआत हुई। भव्य शुभारंभ के साथ ही देवा में मेले का उत्सवी माहौल शुरू हो गया। आने वाले दिनों में धार्मिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक आकर्षणों के माध्यम से यहां की ऐतिहासिक विरासत और अवध की गंगा-जमुनी तहजीब लोगों को आकर्षित करेगी।

बॉक्स: सफेद कबूतर उड़ाकर दिया शांति का संदेश

देवा मेले के उद्घाटन पर शेख मोहम्मद हसन गेट से सफेद कबूतर उड़ाकर अमन-चैन, एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की शिक्षाओं से प्रेरित यह आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी विश्वास की भावना को रेखांकित करता है।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी