हादसों के बाद भी ग्रामीण नाव का सहारा लेकर पार कर रहे नदी
अब तक क्षेत्र में नाव पलटने से 11 लोगों की हो चुकी है मौत
हमीरपुर, 12 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे कुरारा विकासखंड क्षेत्र में यमुना नदी व बेतवा नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण इस पार से उस पार जाने के लिए अभी भी नाव का सहारा ले रहे हैं। अब तक क्षेत्र में नाव पलटने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं आठ लोगों को ग्रामीणों ने बचा लिया था। फिर भी मौत का खौफ होने के बाद ग्रामीण नावों से सफर करने को मजबूर हैं।
कुरारा विकासखंड क्षेत्र में दोनों तरफ उत्तर में यमुना नदी व दक्षिण में बेतवा नदी होने से इस पार से उस पार जाने तथा दूरी कम करने के लिए नाव का सहारा लेते हैं। यमुना नदी में मनकी खुर्द व हमीरपुर में पुल होने के बाद भी भौली, शेखूपुर, भटपुरा, जमरेही, बचरौली, कोतूपुर पटिया आदि गांव के लोग कोटरा मकरंदपुर छत्रपति शाहूजी महाराज डिग्री कॉलेज में पढ़ने जाने के लिए नाव का सहारा लेते हैं। कोतूपुर गांव निवासी राजकरण निषाद ने बताया कि यमुना नदी के उस पार सब्जी की बारी लगी होने के कारण रोजी-रोटी के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। बताया कि पटिया गांव में 2024 में यज्ञ व मेला का आयोजन हुआ था। तब कोटरा मकरंदपुर गांव के लोग नाव में बैठकर उस पार से पटिया गांव यज्ञ देखने आ रहे थे। तभी उनकी नाव पलट जाने से आठ लोग पानी में डूब गए थे। जिनको गांव के लोगों ने कूदकर बचा लिया था। वहीं वर्ष 2024 में बेतवा नदी में जलालपुर तरफ से आ रही नाव बेरी घाट में पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बीते 06 मई को कोतूपुर में नाव डूब जाने से 06 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीण पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा

