home page

देवरिया : सरकारी वाहन से कूदे व्यक्ति की मौत के मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित

 | 
देवरिया : सरकारी वाहन से कूदे व्यक्ति की मौत के मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित


देवरिया : सरकारी वाहन से कूदे व्यक्ति की मौत के मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक निलंबित


-भूमि विवाद की पैमाइश के दौरान हुआ था विवाद, जांच के लिए समिति गठित

श्रावस्ती, 23 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में इकौना तहसील क्षेत्र के सिसवारा गांव में भूमि विवाद की पैमाइश के दौरान सरकारी पुलिस वाहन से कूदकर घायल हुए व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के मामले में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए है। पूरे प्रकरण में राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है।

अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने बताया कि तहसील दिवस में जमीन विवाद से जुड़ा एक आवेदन प्राप्त हुआ था। एसडीएम इकौना के आदेश के बाद नायब तहसीलदार आयुष के नेतृत्व में राजस्व टीम मंगलवार को विवादित जमीन की पैमाइश के लिए सिसवारा गांव पहुंची थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिलौला थाना प्रभारी के साथ पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों को भी मौके पर तैनात किया गया था।

पुलिस का कहना है कि पैमाइश के दौरान कुछ महिलाएं और पुरुष सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच महिलाओं और एक पुरुष को पुलिस के सरकारी वाहन से थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वाहन में पुरुषोत्तमपुर मदारपुरवा निवासी कमलेश कुमार ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कमलेश को इलाज के लिए गिलौला सीएचसी ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा रेफर किया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस और राजस्व टीम की मौजूदगी में विपक्षी पक्ष के लोग विवादित जमीन पर निर्माण करा रहे थे, जिसका परिवार विरोध कर रहा था। परिवार के इन आरोपों पर राजस्व टीम की ओर से अभी कोई अलग बयान सामने नहीं आया है।

जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि पूरे मामले में प्रथम दृष्टया लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की घोर लापरवाही सामने आई है। दोनों को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। साथ ही पूरे प्रकरण में राजस्व एवं पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

------------------

हिन्दुस्थान समाचार / दीपक