home page

देवरिया : भूजल दोहन इकाइयों के लिए एनओसी अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माने और सजा का प्रावधान

 | 
देवरिया : भूजल दोहन इकाइयों के लिए एनओसी अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माने और सजा का प्रावधान


देवरिया, 18 अगस्त (हि.स.)। भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जनपद में संचालित सभी भूजल दोहन इकाइयों को भूगर्भ जल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार एनओसी के बिना भूजल का दोहन करना अधिनियम की धारा-14 का उल्लंघन है। इसके तहत दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना और एक से दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान है।

बैठक में बताया गया कि जनपद में अब तक 64 भूजल दोहन इकाइयों ने एनओसी प्राप्त कर ली है। सीडीओ ने शेष सभी संबंधित इकाइयों को भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि जनपद में संचालित ईंट-भट्ठों, आरओ प्लांट, होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों के लिए भूजल दोहन संबंधी एनओसी एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य है। वहीं घरेलू एवं सिंचाई कार्यों के लिए भूजल के उपयोग पर एनओसी की आवश्यकता नहीं है।

सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और बिना एनओसी भूजल दोहन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बैठक में सहायक अभियंता लघु सिंचाई, हाइड्रोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग गोरखपुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि, उद्यान, जल निगम, उद्योग विभाग तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक