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देवरिया : 4.53 करोड़ रुपये से संवरा बनकटा का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, भवन निर्माण पूरा

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देवरिया : 4.53 करोड़ रुपये से संवरा बनकटा का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, भवन निर्माण पूरा


देवरिया, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जनपद के बनकटा विकास खंड में बालिकाओं को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। यहां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। सीएंडडीएस की ओर से नगर विकास विभाग के अंतर्गत कराए गए इस निर्माण कार्य पर 4.53 करोड़ रुपये की पूरी स्वीकृत धनराशि खर्च की गई है। विद्यालय भवन के निर्माण से क्षेत्र की बालिकाओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रदेश सरकार की ओर से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बनकटा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के भवन का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही क्षेत्र में बालिकाओं की शिक्षा के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा व्यवस्था की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। कई बार विद्यालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं को पढ़ाई के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विद्यालय भवनों का निर्माण और शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार छात्राओं को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बनकटा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के भवन का निर्माण इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर कराया गया है। नए भवन से क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है। विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं के विकास से छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल सकेंगी। इससे उनके शैक्षिक विकास को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण की जिम्मेदारी सीएंडडीएस को सौंपी गई थी। नगर विकास विभाग के अंतर्गत संचालित इस परियोजना के लिए 4.53 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। निर्माण कार्य पूरा करने में स्वीकृत धनराशि का पूरा उपयोग किया गया है। अब विद्यालय का भवन तैयार हो चुका है। इस परियोजना के पूरा होने से जनपद में शैक्षिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के प्रयासों को गति मिली है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायता करना है। विशेष रूप से ग्रामीण और शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इन विद्यालयों के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने, उनकी पढ़ाई जारी रखने और शैक्षिक विकास के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।

बनकटा में विद्यालय भवन का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र की बालिकाओं के लिए शिक्षा संबंधी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलने से छात्राओं को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही विद्यालय की उपलब्धता क्षेत्र में बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक हो सकती है।

बालिकाओं की शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव परिवार और समाज के विकास पर भी पड़ता है। शिक्षित बालिकाएं भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकती हैं। इसलिए बालिकाओं के लिए विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बनकटा में विद्यालय भवन का निर्माण पूरा होना शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, भवन निर्माण पूरा होने के बाद विद्यालय के नियमित संचालन, छात्राओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और शैक्षिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। इससे निर्माण पर खर्च की गई धनराशि का वास्तविक लाभ छात्राओं तक पहुंच सकेगा।

कुल मिलाकर, 4.53 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भवन बनकटा क्षेत्र में बालिका शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इससे क्षेत्र की छात्राओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि पढ़ाई अच्छी होगी, सुविधा भी पूर्ण होगी ।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक