हिंदी भारत की अंतरात्मा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सजीव अभिव्यक्ति : अनिल
देवरिया, 14 सितंबर (हि.स.)। देवरिया सदर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय असना में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने भाषण, सुलेख, निबंध और वाचन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि हिंदी देश के कोने-कोने में संवाद स्थापित करने के साथ ही विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और आर्थिक समृद्धि के साथ देश में अंग्रेजी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। हिंदी जानते हुए भी लोग हिंदी में बोलने, पढ़ने और काम करने में हिचकने लगे हैं। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार के साथ शिक्षक समुदाय को भी मिलकर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना होगा।
प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र नाथ चौबे ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी राष्ट्र नेताओं ने आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हिंदी को प्रमुख माध्यम बनाया था। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अवनीश कुमार, राम प्रताप यादव सहित गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

