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देवरिया में टीकाकरण से कोई बच्चा न छूटे, ग्राम प्रधान परिवारों को करें जागरूक : जिलाधिकारी

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देवरिया में टीकाकरण से कोई बच्चा न छूटे, ग्राम प्रधान परिवारों को करें जागरूक : जिलाधिकारी


देवरिया, 17 सितंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों (प्रशासक) से गुरुवार को अपील की है कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के दौरान पात्र बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच समय से सुनिश्चित हो, इसके लिए ग्राम स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी ग्रामों में प्रत्येक माह निर्धारित बुधवार एवं शनिवार को वीएचएसएनडी सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन सत्रों में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा चिन्हित लाभार्थियों को बुलाकर एएनएम के माध्यम से टीकाकरण सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों का नियमित टीकाकरण कर उन्हें पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, टिटेनस, निमोनिया, डायरिया, काली खांसी, गलाघोंटू, खसरा, जापानी इंसेफेलाइटिस एवं रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव प्रदान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष के बीच की किशोरियों को दी जा रही एचपीवी वैक्सीन भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण है। वहीं वीएचएसएनडी सत्रों में गर्भवती महिलाओं की वजन, रक्तचाप, मूत्र, हीमोग्लोबिन एवं पेट की जांच कर उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय से पहचान की जाती है। इससे आवश्यक उपचार एवं परामर्श समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ परिवारों में टीकाकरण को लेकर भय अथवा भ्रांतियां देखने को मिलती हैं। टीकाकरण के बाद हल्की सूजन, लालिमा, दर्द अथवा हल्का बुखार सामान्य एवं अल्पकालिक प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे मामलों में स्वास्थ्यकर्मियों से आवश्यक परामर्श लिया जा सकता है।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि वे टीकाकरण को लेकर संकोच करने वाले अथवा विरोध करने वाले परिवारों से व्यक्तिगत संवाद करें और उनकी शंकाओं का समाधान कराते हुए बच्चों एवं किशोर-किशोरियों का समय से टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों का सहयोग स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण है। एक बच्चे को समय पर टीका लगना उसे गंभीर बीमारी से बचाव प्रदान कर सकता है, वहीं, गर्भवती महिला की समय पर जांच से संभावित जोखिम की पहचान की जा सकती है। उन्होंने अपेक्षा की कि ग्राम प्रधान अपने-अपने ग्रामों में वीएचएसएनडी सत्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ यह भी सुनिश्चित करने में सहयोग करें कि कोई पात्र बच्चा, किशोर-किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे और कोई गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से छूटने न पाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से “देवरिया का कोई बच्चा टीकाकरण से न छूटे” के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से जनपद की भावी पीढ़ी को स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक