देवरिया : बैठक में अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता का एक दिन का वेतन रोकने का जिलाधिकारी ने दिए आदेश
-डीएम ने की जल निगम, सिंचाई, बाढ़ खंड व नलकूप विभाग की समीक्षा
- परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के दिए निर्देश
देवरिया, 05 अक्टूबर (हि.स.)।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यकक्ष में जल संसाधन से जुड़े विभागों की बैठक कर विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), बाढ़ खंड, सिंचाई, तथा नलकूप विभाग के कार्य प्रगति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग से जुड़ी प्रगति समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता, नलकूप सलेमपुर का एक दिन का वेतन रोके जाने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बैठकों में अनुपस्थित रहने को कतई क्षम्य नहीं होगा और सभी अधिकारी बैठक में विभाग की पूर्ण प्रगति के विवरण के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। अनुपस्थित रहने अथवा अपूर्ण आंकड़े पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विभागीय परियोजनाओं एवं विकास कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों में अनावश्यक देरी न होने दी जाए।
जल निगम की योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने पाइप लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कों का रिस्टोरेशन समय से पूरा कराया जाए, ताकि आवागमन में आमजन को परेशानी न हो। पेयजल परियोजनाओं को भी निर्धारित समय में पूरा कराने पर जोर दिया गया।
अधिशासी अभियंता बाढ़ द्वारा बताया गया कि सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। सरयू नदी के जलस्तर में कुछ आंशिक वृद्धि हुई है।
किसी भी नदी में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी सभी तटबंधों पर सतर्क एवं सजग निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ खंड के कार्यों की समीक्षा में जलस्तर एवं वर्षा संबंधी आंकड़ों को नियमित रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बाढ़ एवं कटान से बचाव से जुड़े कार्यों की प्रभावी निगरानी करते हुए आवश्यक तैयारियां समय से पूरी रखने को कहा।
सिंचाई विभाग की योजनाओं की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने नहरों में पानी की उपलब्धता और टेल तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नहरों की ब्लॉकवार स्थिति का विवरण तैयार रखने तथा आवश्यकतानुसार सिल्ट सफाई कराने को कहा।
नलकूप विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान सभी राजकीय नलकूपों को क्रियाशील रखने तथा किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। यांत्रिक एवं विद्युत खराबी के कारण बंद नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने तथा नए नलकूपों की स्थापना एवं पुराने नलकूपों के मरम्मत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिशासी अभियंता बाढ़, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता नलकूप देवरिया, लघु सिंचाई के सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

