देवरिया : तेजस्विनी सम्मेलन में युवतियों ने दिखाई आत्मरक्षा की कला, रानी लक्ष्मीबाई की झांकी के साथ निकली शोभायात्रा
देवरिया, 30 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से बुधवार को देवरिया के टाउनहॉल स्थित स्व. मोहन सिंह सभागार में तेजस्विनी युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंच प्रण, बदलते भारत में युवतियों की भूमिका, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संवर्धन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के बाद रानी लक्ष्मीबाई की छवि में घोड़े पर सवार छात्राओं की अगुवाई में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान छात्राओं ने नारी शक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. रजनी पटेल, विशिष्ट अतिथि वन क्षेत्राधिकारी अनुपम मौर्य, मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ सचिव एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अपराजिता सिंह और राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत व्यवस्था प्रमुख रश्मि श्रीवास्तव ने मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। एबीवीपी की प्रांत सह मंत्री सोनाली सोनकर ने सम्मेलन की प्रस्तावना रखी।
मुख्य वक्ता अपराजिता सिंह ने कहा कि भारत की संस्कृति को लेकर नई पीढ़ी को सही जानकारी देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत में महिला कभी अबला नहीं रही और न रहेगी। युवतियों को शिक्षा के साथ संस्कृति के संरक्षण के लिए भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रो. रजनी पटेल ने कहा कि बदलते परिवेश और एआई के दौर में युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है। गलत व्यवहार और सीख से खुद को बचाते हुए व्यक्तिगत और देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की सामग्री मौजूद है, इसलिए युवाओं को तय करना होगा कि उन्हें क्या चुनना है। उन्होंने युवतियों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
विशिष्ट अतिथि वन क्षेत्राधिकारी अनुपम मौर्य ने कहा कि भारत विकासशील से विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें युवाओं के साथ युवतियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवतियों को परंपरा और आधुनिकता के बीच समन्वय बनाकर समाज और देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ करियर को समाज और राष्ट्र से जोड़ने की आवश्यकता है।
राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत व्यवस्था प्रमुख रश्मि श्रीवास्तव ने कहा कि पंच परिवर्तन व्यक्ति से परिवार और परिवार से समाज में बदलाव का संकल्प है। आधुनिकता की भागदौड़ के बीच प्राचीन भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था कम न हो, इसके लिए जनचेतना को जागृत रखना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान ताइक्वांडो की छात्राओं ने मिशन साहसी के तहत आत्मरक्षा का रोमांचकारी प्रदर्शन किया। छात्राओं के प्रदर्शन पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अतिथियों के प्रति आभार विभाग छात्रा प्रमुख रानी दुर्गावती ने व्यक्त किया। संचालन संज्ञा यादव ने किया।
कार्यक्रम का समापन पूजा मिश्रा और उनकी टीम के नेतृत्व में सामूहिक वंदे मातरम के साथ हुआ।
इसके बाद टाउनहॉल से गाजे-बाजे और घोड़े के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुन: टाउनहॉल पहुंचकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में रानी लक्ष्मीबाई की छवि में घोड़े पर सवार छात्राएं आकर्षण का केंद्र रहीं। छात्राओं ने भारत माता की जय और फूल नहीं चिंगारी है, हम भारत की नारी हैं जैसे नारों के साथ नारी शक्ति का संदेश दिया।
शोभायात्रा में एबीवीपी के प्रवासी और प्रमुख कार्यकर्ता झंडे और साफे के साथ आगे चल रहे थे। छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए संगठन के शिक्षक, छात्र कार्यकर्ता तथा पुलिस प्रशासन के लोग तैनात रहे। यात्रा के मार्ग में लोगों ने रुककर शोभायात्रा को देखा।
कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. विवेक मिश्र, विभाग संगठन मंत्री अमर्त्य सुंदरम, जिला प्रमुख डॉ. अभिनव सिंह, तहसील प्रमुख डॉ. अभिषेक तिवारी, नगर अध्यक्ष डॉ. मंतोष मौर्य, जिला विद्यार्थी विस्तारक शुभम गोविन्द राव, शुभम मणि त्रिपाठी, सविनय पाण्डेय, अमन त्रिपाठी, विनय पटेल, निखिल शाही, आशुतोष मालवीय, रोशनी मणि, आदित्य वर्नवाल, वैभव सिंह, अमित पासवान और शशांक शेखर समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक व शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

