महारानी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि पर जन्मस्थली वाराणसी में श्रद्धांजलि सभा, शौर्य को किया नमन
—जन्मस्थली की दुर्व्यवस्था दूर करने की उठी मांग, महारानी के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन
वाराणसी,18 जून (हि.स.)। वीरांगना झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि गुरुवार को उनकी जन्मस्थली भदैनी में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। सामाजिक संस्था जागृति फाउंडेशन तथा महारानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थान स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर वीरांगना को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके शौर्य को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास एवं श्री संकट मोचन मंदिर के महंत तथा बीएचयू-आईआईटी के प्रोफेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों को कड़ी चुनौती देने वाली महारानी लक्ष्मीबाई काशी की बेटी थीं। उन्होंने कहा कि काशी की मिट्टी और संस्कारों ने ही उन्हें स्वतंत्रता, स्वाभिमान और संघर्ष का पाठ पढ़ाया। महारानी ने अपने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता से यह सिद्ध किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं तथा वे समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में सक्षम हैं।
विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि काशीवासियों के लिए यह गौरव की बात है कि महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म इसी धरती पर हुआ था। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने महारानी की जन्मस्थली पर व्याप्त अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से इसके संरक्षण एवं विकास के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि महारानी की जयंती और पुण्यतिथि पर सरकारी स्तर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
कार्यक्रम में प्रोफेसर देवव्रत चौबे ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं दिव्यांग रंगकर्मी राजकुमार ने महारानी के जीवन पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। समारोह का विशेष आकर्षण छात्रा सौभाग्य मौर्या रहीं, जिन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई का स्वरूप धारण कर उपस्थित लोगों को उनके गौरवशाली जीवन की याद दिलाई। इससे पूर्व अतिथियों एवं आयोजक संस्था के पदाधिकारियों ने महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी एवं समाजवादी नेता डॉ. सूबेदार सिंह, समाजसेवी सी.पी. जैन, मानस मर्मज्ञ राघवेंद्र पांडेय तथा समाजसेवी मनोज यादव ने भी संबोधित किया और महारानी के योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का संयोजन रामयश मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्वनाथ यादव उर्फ छेदी ने किया। इस अवसर पर विनोद पांडेय, स्वर्ण प्रताप चतुर्वेदी, राजेश कुमार दीक्षित, हृदय नारायण मिश्रा, डॉ. सनी सिंह, गायत्री कुमारी मौर्या, प्राची गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

