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उप्र में 125 दिनों की रोजगार गारंटी से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा होगी सुदृढ़ : केशव प्रसाद मौर्य

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उप्र में 125 दिनों की रोजगार गारंटी से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा होगी सुदृढ़ : केशव प्रसाद मौर्य


विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा वीबी-जीरामजी अधिनियम

लखनऊ, 31 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने की दिशा में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी राम जी) एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करने, आजीविका को सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभिनव अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्वरोजगार एवं कौशल विकास को नई गति प्राप्त होगी तथा आय सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। यह अधिनियम केवल आर्थिक प्रगति का माध्यम नहीं है, बल्कि “विकसित भारत” के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का एक प्रभावी अभियान भी है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के माध्यम से ग्रामीण श्रमिक परिवारों को अब और अधिक रोजगार सुरक्षा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में रोजगार की गारंटी को मजबूत करते हुए अधिनियम के अंतर्गत कार्य दिवसों की सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि, आजीविका सशक्तिकरण तथा आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मौर्य ने कहा कि 125 दिनों के रोजगार अवसर से श्रमिक भाइयों एवं बहनों को अधिक कार्य, बेहतर आय तथा आत्मनिर्भर जीवन जीने की नई शक्ति प्राप्त होगी। सरकार ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रही है तथा यह अधिनियम उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 प्रदेश के प्रत्येक गांव के विकास में नई ऊर्जा का संचार करेगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, आय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा समग्र विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक ग्रामीण परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करते हुए आजीविका के विविध अवसरों का विस्तार करेगा तथा सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति देगा। विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मौर्य ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें तथा ग्रामीण विकास की इस परिवर्तनकारी पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा