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दावोस में वैश्विक निवेशकों के साथ यूपी के प्रतिनिधिमंडल की बैठकों का दौर जारी

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दावोस में वैश्विक निवेशकों के साथ यूपी के प्रतिनिधिमंडल की बैठकों का दौर जारी


लखनऊ, 19 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में भाग लेने गया है। सोमवार को यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय कंपनी लुई ड्रेफस सहित कई वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद किया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री (वित्त एवं संसदीय कार्य) सुरेश कुमार खन्ना कर रहे हैं। उनके साथ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद तथा यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह भी शामिल हैं।

यूपी में दीर्घकालिक निवेश की रुचिसरकारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ड्रेफस, जो कृषि व्यापार व कमोडिटी बेस्ड प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनी है, ने अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और भारत में मजबूत साझेदारियों को रेखांकित किया है। कंपनी अदानी समूह को आपूर्ति के साथ, उपभोक्ता ब्रांड “वाइबर” (खाद्य तेल) व दाल क्षेत्र में नई मिलें स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है। यह भारत और उत्तर प्रदेश में ड्रेफस की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऊर्जा क्षेत्र में ड्रेफस सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अबू धाबी के सहयोग से कंपनी कृषि अपशिष्ट को गैस में बदलने की दिशा में कार्य कर रही है। गोदाम, लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह और डिजिटल ट्रैकिंग से सुसज्जित इसका मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क वैश्विक स्तर पर कंपनी की ताकत है।

सिफी टेक्नोलॉजीज ने डेटा सेंटर स्थापित करने में दिखाई रुचिप्रतिनिधिमंडल ने नैस्डेक में सूचीबद्ध वैश्विक डिजिटल सेवा प्रदाता सिफी टेक्नोलॉजीज के साथ निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सिफी ने नोएडा में एआई रेडी और रिन्यूएबल एनर्जी आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई। प्रस्तावित 1,600 करोड़ रुपये के निवेश में अत्याधुनिक एयर-कूलिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही डेटा सेंटर के आसपास एआई सिटी विकसित करने, गूगल और मेटा जैसे वैश्विक टेक लीडर्स के साथ साझेदारी तथा स्टारलिंक कनेक्टिविटी को जोड़ने की योजना पर भी चर्चा हुई।

दावोस में यूपी के विजन को किया जा रहा प्रस्तुत इस दौरान सेक्टर-विशिष्ट निवेश अवसरों की ब्रांडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुदृढ़ करने का संदेश तथा समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से रखा जाएगा। डब्ल्यूईएफ दावोस 2026 में भागीदारी यह स्पष्ट संकेत है कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश को उच्च गुणवत्ता वाले निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से भारत के प्रमुख विकास इंजन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन