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आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के गांव माधोपट्टी की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस में लहराया परचम, अब आईएएस बनने का सपना

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आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के गांव माधोपट्टी की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस में लहराया परचम, अब आईएएस बनने का सपना


आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के गांव माधोपट्टी की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस में लहराया परचम, अब आईएएस बनने का सपना


आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के गांव माधोपट्टी की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस में लहराया परचम, अब आईएएस बनने का सपना


जौनपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में देशभर में प्रशासनिक अधिकारियों की उपलब्धियों के लिए पहचान रखने वाले जौनपुर के माधोपट्टी गांव की गौरवशाली परंपरा को एक और उपलब्धि मिली है। गांव की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार, गांव और जिले का मान बढ़ाया है। गुरुवार शाम परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उनके चयन की खबर गांव पहुंची तो परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मुस्कान को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

माधोपट्टी गांव की पहचान लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले लोगों के गांव के रूप में रही है। इस गांव ने देश को कई आईएएस और पीसीएस अधिकारी दिए हैं। गांव की इस उपलब्धि की चर्चा देशभर में होती रही है। अब तक गांव के 53 लोगों के प्रशासनिक अधिकारी बनने की जानकारी सामने आई है। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुस्कान सोलंकी ने अपनी सफलता से गांव का नाम रोशन किया है।

मुस्कान सोलंकी के पिता नवीन सोलंकी पंजाब पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं। मुस्कान की पढ़ाई-लिखाई पंजाब में हुई। शिक्षा के दौरान ही उन्होंने अपने भविष्य का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा को साकार करने के लिए उन्होंने निरंतर मेहनत और लगन के साथ तैयारी की। इसी का परिणाम रहा कि उन्होंने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की।

मुस्कान की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास किया और प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाने में कामयाबी पाई। उनकी उपलब्धि से परिवार में उत्साह का माहौल है। गांव के लोगों के लिए भी यह गर्व का अवसर है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखते हैं।

पीसीएस में चयन के बाद भी आईएएस बनने का लक्ष्य

मुस्कान की यह उपलब्धि बताती है कि सफलता के साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करना कितना महत्वपूर्ण है। माधोपट्टी गांव की इस बेटी ने अपनी कामयाबी से एक बार फिर गांव की प्रशासनिक पहचान को मजबूती दी है। हिंदुस्थान समाचार प्रतिनिधि से शुक्रवार को बात करते हुए मुस्कान ने बताया कि उसकी इस उपलब्धि में उसके बड़े भाई का सबसे अहम योगदान है। मुस्कान ने एलएलबी की परीक्षा में गोल्ड मेडल भी हासिल किया हुआ है। मुस्कान का कभी राजनीतिक क्षेत्र में कोई रुचि नहीं रही है।

मुस्कान ने बताया कि बचपन में उनके दादाजी उन्हें गांव में घूमते हुए रामायण गीत आदि की बातें भी बताया करते थे। मुस्कान ने बताया कि उनके पढ़ाई का कोई निर्धारित समय नहीं था बस इतना था कि जितना भी घंटे पढ़ाई करें उतनी देर पड़ी हुई चीज पूरी तरह से दिमाग में सटीक रूप से बैठी रहे। उन्होंने पढ़ाई को कभी प्रेशर के रूप में ना लेकर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी सहज ढंग से व्यतीत करते हुए पढ़ाई किया है। उन्होंने आज तक कोई ट्यूशन या कोचिंग के द्वारा कोई तैयारी नहीं किया। हरियाणा पीसीएस परीक्षा में चयनित होने के बाद भी मुस्कान सोलंकी ने अपने बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का संकल्प कायम रखा है। उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी बनना है। वह पीसीएस में मिली सफलता को अपने सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव मानती हैं और आगे भी तैयारी जारी रखते हुए आईएएस बनने के लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं।

गांव की गौरवशाली परंपरा में मुस्कान का नाम जुड़ने से स्थानीय लोगों में खुशी है। उनकी सफलता से युवाओं, विशेषकर बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलेगी। अब सभी की निगाहें मुस्कान के अगले लक्ष्य पर हैं। उनकी कोशिश है कि हरियाणा पीसीएस में मिली सफलता के बाद वह आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का अपना सपना भी पूरा करें।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव