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सीयू स्कॉलर्स समिट का समापन, 800 से अधिक मेधावियों का सम्मान; 50 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना पर जोर

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सीयू स्कॉलर्स समिट का समापन, 800 से अधिक मेधावियों का सम्मान; 50 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना पर जोर


उन्नाव, 07 जुलाई (हि.स.)। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय सीयू स्कॉलर्स समिट-2026 (फेज-2) का मंगलवार को समापन हो गया। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान सीयूसीईटी (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 800 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 के लिए 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल चुका है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और विशिष्ट अतिथि उन्नाव के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मौजूद रहें। समिट में भविष्य की शिक्षा, वैश्विक करियर, नेतृत्व, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूके) के प्रो. डॉ. ल्यूक डिकेन्स और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने वैश्विक शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों पर अपने विचार साझा किए। विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव बताते हुए विद्यार्थियों को कौशल विकास और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।

राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और उद्योगोन्मुख शिक्षा युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश शिक्षा, उद्योग और तकनीक के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रही है।

जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि देश के भविष्य में निवेश है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासा बनाए रखने, नई तकनीकों को अपनाने और नवाचार के माध्यम से समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, उद्योग और प्रशासन समेत विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का मंच है। विश्वविद्यालय आधुनिक प्रयोगशालाओं, एआई आधारित अधोसंरचना, उद्योगों के साथ साझेदारी और व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक करियर के लिए तैयार कर रहा है।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ. विनीत कुमार नायर, प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप