सीएसजेएमयू में टीबी स्क्रीनिंग शिविर, निर्माण श्रमिकों की हुई स्वास्थ्य जांच
कानपुर, 06 जून (हि.स.)। भारत को क्षयरोग (टीबी) मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। क्षयरोग पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जांच व इलाज से इसे हराया जा सकता है। यह बातें शनिवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
सीएसजेएमयू में आज जनभागीदारी अभियान के तहत क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के लिए सक्रिय खोज (एक्टिव केस फाइंडिंग) एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य टीबी की समय रहते पहचान कर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना था। शिविर में विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत निर्माण श्रमिकों की टीबी संबंधी स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि लोगों को टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना संकोच जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।
जनपद क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश ने प्रधानमंत्री क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सक्रिय खोज अभियान के माध्यम से ऐसे संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है, जिनमें बीमारी के लक्षण प्रारंभिक स्तर पर स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने कहा कि उपचाररत टीबी मरीजों को सरकार की ओर से प्रतिमाह एक हजार रुपये की पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, एसोसिएट डीन (प्रशासन) डॉ. दिग्विजय शर्मा, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी सहित शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

