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सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में सतत विकास अनुश्रवण डैशबोर्ड का शुभारंभ

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सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में सतत विकास अनुश्रवण डैशबोर्ड का शुभारंभ


कानपुर, 11 जुलाई (हि.स.)।

सीएसजेएमयू शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्यों को संस्थागत संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व विकसित करते हुए हरित एवं सतत परिसर का निर्माण करना है। यह बातें शनिवार को विश्विद्यालय के कुलपति : प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं। समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के सतत विकास अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं प्रतिवेदन केंद्र (स्टार्क) के सस्टेनेबिलिटी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया।

यह डिजिटल मंच उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सुशासन से जुड़े प्रदर्शन, ग्रीनहाउस गैस लेखांकन, सतत विकास लक्ष्यों का मानचित्रण, पर्यावरणीय प्रतिवेदन, शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य तथा स्थिरता संकेतकों की निगरानी और मूल्यांकन किया जा सकेगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सतत विकास सहायक, सतत विकास लक्ष्य संकेतक, केंद्रीकृत अनुश्रवण तथा पर्यावरणीय अभिलेख भंडार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

समारोह को एकल-उपयोग प्लास्टिक मुक्त दीक्षांत समारोह के रूप में आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों से पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलें साथ लाने की अपील की। कार्यक्रम स्थल पर पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त परिसर से जुड़े संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया गया।

दीक्षांत समारोह में ललित कला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा तैयार पर्यावरण संरक्षण विषयक कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में जल संरक्षण, जैव विविधता, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और सतत जीवनशैली जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इसके अलावा विश्वविद्यालय के दत्तक ग्राम होरा कछार के बच्चों ने पर्यावरण गीत– जल है तो कल है, जल पर ही कल निर्भर है प्रस्तुत कर जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति को समारोह में उपस्थित अतिथियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सराहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप