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कोरोना काल मे मिडडे मील में घपला करने के आराेप में दो प्रभारी सस्पैंड

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कोरोना काल मे मिडडे मील में घपला करने के आराेप में दो प्रभारी सस्पैंड


फर्रुखाबाद27फरवरी (हि.स.)। कोरोना महामारी के दौरान (वर्ष 2020-21) मिड-डे मील (एमडीएम) और राशन वितरण में करीब तीन लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) विश्वनाथ प्रताप सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं।

मामला राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुम्होर से जुड़ा है। ग्राम प्रधान हिमानी सिंह ने पिछले साल 20 फरवरी 2025 को बीएसए कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपोजिट विद्यालय कुम्होर के प्रभारी प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना ने एमडीएम खाते से अपने नाम पर 2 लाख 66 हजार रुपये का चेक काटकर निकाल लिया। वहीं, उसी विद्यालय के शिक्षक यतेंद्र सिंह ने दो बार में कुल 40 हजार रुपये इसी खाते से अपने नाम पर निकाले। कुल मिलाकर लगभग 3 लाख 6 हजार रुपये की राशि का गबन किया गया।

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि महामारी के दौरान जब स्कूल बंद थे और बच्चों को घर पर मिड-डे मील व राशन दिया जाना था, तब इन दोनों अधिकारियों ने पैसे निकालकर अनियमितताएं कीं।

शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए। दोनों आरोपियों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उन्होंने कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) और खंड शिक्षा अधिकारी (बढ़पुर) ने पिछले साल 22 अगस्त 2025 को विस्तृत जांच रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

हालांकि, आरोप है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह फाइल लंबे समय तक दबा दी गई थी। आखिरकार, जब मामला उछला तो बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सख्त कदम उठाया। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने आज दोनों शिक्षकों मृदुल सक्सेना और यतेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि “वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों को देखते हुए दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने तक वे किसी भी सरकारी कामकाज में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

नई जांच समिति में खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज अमर सिंह राणा और खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद भारती शाक्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति को 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला उन दिनों की याद दिलाता है कि जब कोरोना के कारण स्कूल बंद थे और मिड-डे मील तथा राशन वितरण के नाम पर कई जिलों में अनियमितताएं सामने आई थीं।

फर्रुखाबाद में यह पहला ऐसा मामला नहीं है, लेकिन अब बीएसए ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक संगठनों की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि अभिभावक और ग्राम प्रधान हिमानी सिंह ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar