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संस्कृत से ही संस्कार और संस्कृति का समन्वय होता : संगीता गौतम

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संस्कृत से ही संस्कार और संस्कृति का समन्वय होता : संगीता गौतम


संस्कृत से ही संस्कार और संस्कृति का समन्वय होता : संगीता गौतम


मुरादाबाद, 25 अप्रैल (हि.स.)। भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के अधीन उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा साहू रमेश कुमार कन्या इंटर कॉलेज में शनिवार को “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजनान्तर्गत 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची अपर जिलाधिकारी प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम ने कहा कि संस्कृत से ही संस्कार और संस्कृति का समन्वय होता है।

संगीता गौतम ने आगे कहा कि संस्कृत सीखना और सिखाना सौभाग्य की बात है। संस्कृत भारतीय संस्कृति की आधारभूत भाषा है और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्कृत भाषा भारत की सांस्कृतिक आत्मा है और इसके संरक्षण तथा प्रसार के लिए ऐसे प्रशिक्षण शिविर अत्यंत आवश्यक हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में आए स्वास्थ्य विभाग से जिला नाभिक टीम के प्रभारी डॉ आरएन बाजपेई ने कहा कि संस्कृत भाषा हमें भारतीय संस्कृति से जोड़ती है। संस्कृत केवल प्राचीन ग्रंथों की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है, जिसे समाज में पुनः जीवंत करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काॅलेज प्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में शिक्षिकाओं के दारा छात्राओं को सरल तरीके से संस्कृत बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाया गया है। इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं को संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।

प्रधानाचार्या अर्चना साहू ने बताया कि गृहे गृहे संस्कृतम् योजना के अन्तर्गत अप्रैल मासीय सरल संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षा छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए इस 12 दिवसीय आयोजन किया गया था। इस शिविर में प्रतिभागियों को सरल और व्यावहारिक पद्धति से संस्कृत बोलना सिखाया गया। संस्कृत के माध्यम से भारतीय ज्ञान और संस्कारों का प्रसार होता है। कार्यक्रम का संचालन एवं शान्ति-मन्त्र का पाठ संस्कृत शिक्षिका व प्रशिक्षिका राधा रानी ने किया।

इस अवसर पर प्रबंध समिति सदस्य गौरांग साहू, राधिका साहू, संस्कृत शिक्षिका राधा रानी, शैलजा रस्तोगी, सिम्मी कंसल, निमित जायसवाल, प्रीति सक्सेना, अंजना अग्रवाल, कनक सहित समस्त शिक्षक शिक्षार्थी, केंद्राध्यक्ष, अभिभावक सामाजिक संस्कृतानुरागी विद्वज्जन समुपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल