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युवा चिकित्सक तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लें: राज्यपाल

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युवा चिकित्सक तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लें: राज्यपाल


युवा चिकित्सक तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लें: राज्यपाल


चिकित्सा शिक्षा और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्टता केंद्र केजीएमयू

लखनऊ, 13 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का 22वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को 1707 उपाधियां प्रदान की गईं तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने युवा चिकित्सक अपने जीवन के प्रारंभिक वर्षों में कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया। साथ ही निजी अस्पताल एवं क्लिनिक संचालित करने वाले चिकित्सकों से निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने युवा चिकित्सकों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का सर्वाेच्च माध्यम है। रोगी चिकित्सक के पास केवल उपचार के लिए नहीं, बल्कि जीवन की आशा लेकर आता है। ऐसे में चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार, धैर्य और विश्वास से भरे शब्द भी कई बार दवा से अधिक प्रभावी सिद्ध होते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1905 में स्थापित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। विश्वविद्यालय की ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग 19 लाख मरीजों की सेवा होती है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गाइनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, संक्रामक रोग सेवाओं, पेन मेडिसिन, ट्रॉमा क्रिटिकल केयर, रोबोटिक सर्जरी तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की पहली रोबोटिक ह्यूमन कैडेवेरिक वेट लैब की स्थापना तथा हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से किफायती दरों पर दवाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भविष्य में भी नई ऊंचाइयां स्थापित कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि एक चिकित्सक का हृदय करुणा से परिपूर्ण, मस्तिष्क ज्ञान एवं विज्ञान से समृद्ध तथा हाथ सदैव सेवा के लिए तत्पर होने चाहिए। प्रत्येक रोगी के प्रति चिकित्सकों का व्यवहार संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण एवं आत्मीय होना चाहिए तथा किसी भी मरीज को समय पर उपचार और उचित परामर्श से वंचित नहीं रहना चाहिए।

इस अवसर पर राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में दीक्षांत व्याख्यान देने के उपलक्ष्य में मुख्य अतिथि भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग एवं स्टेशनरी आदि वस्तुयें प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने जन भवन की ओर से विद्यालयों के शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें भी भेंट कीं।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों से सेवा-भाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने तथा मरीज को भगवान का स्वरूप मानकर उसकी सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा रेल यात्रा कर आमजन के बीच जाने से सार्वजनिक परिवहन के उपयोग तथा जनता से जुड़ाव का सकारात्मक संदेश गया है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना, विकास यात्रा तथा चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उसके महत्त्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन