रिफाइनरी में आपातकालीन सुरक्षा तैयारियों को लेकर आपदा ड्रिल का आयोजन
मथुरा, 28 सितम्बर (हि.स.)। मथुरा रिफाइनरी में सुरक्षा और सतर्कता को सर्वाेपरि रखते हुए सोमवार को बीजी-1, ओएम एंड एस-प्रथम में एक उच्च-स्तरीय आपदा ड्रिल (मॉक ड्रिल) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रिफाइनरी की तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को जांचना था।
पूर्वाभ्यास का परिदृश्य बीजी-1 लोडिंग गैंट्री पर वैगन में मोटर स्पिरिट (एमएस) की लोडिंग के दौरान ओवरफिलिंग से एमएस के फैलाव, वाष्प बादल के निर्माण और क्षतिग्रस्त लाइट फिटिंग के संपर्क में आने से आग लगने पर आधारित था। आग की सूचना मिलते ही कर्मचारियों द्वारा तुरंत आपातकालीन शटडाउन किया गया। फायर एंड सेफ्टी कंट्रोल रूम को सूचित कर गैंट्री के वाटर स्प्रे सिस्टम को सक्रिय किया गया और फोम फायर टेंडर तुरंत मौके पर पहुंचे। स्तर-द्वितीय आपातकाल और राहत कार्य की स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पहले लेवल-द्वितीय और बाद में लेवल-द्वितीय आपातकाल घोषित किया गया। डिजास्टर कंट्रोल रूम को सक्रिय कर फोम फायर टेंडरों और एचवीएलआर मॉनिटर्स से आग बुझाने का काम किया गया। इस मौके पर सीआईएसएफ द्वारा क्षेत्र की घेराबंदी और यातायात नियंत्रण किया गया। साथ ही, गैर-संबंधित व्यक्तियों को सुरक्षित असेंबली प्वाइंट पर भेजा गया और सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ऑल-क्लियर सायरन बजाकर मॉक ड्रिल का समापन किया गया। ड्रिल के पश्चात कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आपातकालीन समन्वयकों की रिपोर्ट पर चर्चा की गई। मुकुल अग्रवाल ने मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए सभी की सराहना की और भविष्य में किसी भी वास्तविक आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

