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कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास बना आदर्श विद्यालय, नवाचार, समर्पण और टीमवर्क से बदला शैक्षिक परिदृश्य

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कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास बना आदर्श विद्यालय, नवाचार, समर्पण और टीमवर्क से बदला शैक्षिक परिदृश्य


कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास बना आदर्श विद्यालय, नवाचार, समर्पण और टीमवर्क से बदला शैक्षिक परिदृश्य


- कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास में छात्र संख्या 355 पहुंची

मुरादाबाद, 01 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में विकासखंड मूंढापांडे के बरबारा खास में स्थित कंपोजिट विद्यालय, आदर्श विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। विद्यालय में नवाचार, समर्पण और टीमवर्क से शैक्षिक परिदृश्य बदल गया है।

कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास में छात्र संख्या 355 पहुंच गई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षिक नवाचार, अनुशासन और शिक्षकों के समर्पण के बल पर कंपोजिट विद्यालय बरबारा खास पूरे क्षेत्र में एक आदर्श विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। विद्यालय में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

विद्यालय की शैक्षिक यात्रा में प्रभारी अध्यापिका अंजलि सैनी का विशेष योगदान रहा है। अंजलि सैनी ने बताया कि वर्ष 2015 में विद्यालय का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विद्यालय में शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने, अभिभावकों एवं समुदाय से संवाद स्थापित करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए। वर्ष 2021 में विद्यालय में अन्य स्टाफ के आने के बाद टीमवर्क को और मजबूती मिली। शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि विद्यालय में छात्र संख्या 276 से बढ़कर 355 तक पहुंच गई। यह उपलब्धि विद्यालय के प्रति अभिभावकों के बढ़ते विश्वास और शिक्षकों के निरंतर समर्पण को दर्शाती है।

विद्यालय में अंजलि सैनी, मोनिका खत्री, रीता, ज्योति, कुसुम, नेहा एवं फरहा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों के शैक्षिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। विद्यालय की टीम का लक्ष्य बच्चों में बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करते हुए विद्यालय को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करना है।

स्मार्ट क्लास और नक्षत्रशाला से विकसित हो रही वैज्ञानिक सोच

विद्यालय में पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ आधुनिक शैक्षिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास, नक्षत्रशाला तथा एलबीडी जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को विषयों को समझने का व्यावहारिक और रोचक अवसर मिल रहा है। गणित एवं विज्ञान किट के प्रयोग से विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रयोग, अवलोकन और तर्क के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे बच्चों में तार्किक क्षमता, जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिल रही है।

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन

विद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में भी निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यालय ने पिछले कई वर्षों से ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि के पीछे विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ-साथ शिक्षकों द्वारा उन्हें निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया जाना महत्वपूर्ण है।

पढ़ाई के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर

विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ उनके सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं सह-पाठ्यचर्या विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चे विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित हो रही है।

आउट ऑफ स्कूल एवं ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास

विद्यालय की टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए शिक्षकों द्वारा प्रत्येक वर्ष आउट ऑफ स्कूल एवं ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर उनके घर-घर संपर्क किया जाता है तथा अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाता है। विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया सितंबर के अंत तक जारी रहने के कारण छात्र संख्या में अभी और वृद्धि होने की उम्मीद है। शिक्षकों के इन प्रयासों से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय में बनाए रखने में सहायता मिल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल