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शीतगृह नवीन करण 31 दिसंबर न किया तो लाइसेंस हाेगा निरस्त,आलू विकासधिकारी

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फर्रुखाबाद, 09 अक्तूबर (हि.स.)। आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी, राघवेंद्र सिंह ने जनपद के समस्त निजी शीतगृह स्वामियों एवं प्रबंधकों को सूचित किया है कि वर्ष 2027 के लिए शीतगृह लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से निर्धारित प्रपत्रों एवं आवश्यक अभिलेखों सहित ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

उन्होंने शीतगृह स्वामियों को निर्देशित किया है कि वे लाइसेंस नवीनीकरण के लिए वेबसाइट www.janhit.uphorticulture.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन पत्र में सभी आवश्यक सूचनाएं स्पष्ट रूप से अंकित की जाएं तथा निर्धारित अभिलेखों की प्रति हार्डकॉपी में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, फर्रुखाबाद में उपलब्ध कराई जाए।

लाइसेंस नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क ऑनलाइन अथवा कोषागार चालान के माध्यम से दिनांक 31 अक्टूबर तक जमा करना होगा। इसके पश्चात विलंब शुल्क सहित दिनांक 31 दिसंबर तक शुल्क जमा किया जा सकेगा।

नवीनीकरण आवेदन के साथ भवन की सुदृढ़ता प्रमाणित करने के लिए सक्षम संस्था में पंजीकृत सिविल अभियंता की निरीक्षण रिपोर्ट, मशीनरी की सुदृढ़ता एवं कार्यशीलता तथा अविरत संचालन क्षमता संबंधी सक्षम अभियंता की रिपोर्ट, बीमा पॉलिसी की सत्यापित प्रति, स्वीकृत विद्युत लोड एवं वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर की उपलब्धता का प्रमाण, अग्निशमन सुविधाओं की उपलब्धता संबंधी प्रमाण-पत्र, आवश्यक मरम्मत का प्रमाण-पत्र, अंतिम विद्युत बिल एवं भुगतान रसीद तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी प्रमाण-पत्र की सत्यापित छायाप्रति सहित निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा।

आलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए शीतगृहों द्वारा आलू भंडारण के समय जारी की जाने वाली पावती रसीद पर भंडारण की अवधि (15 फरवरी से 30 नवंबर तक) का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। किसान अधिकार पत्र पर जनपद के जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी का सीयूजी नंबर तथा जिला उद्यान अधिकारी का सीयूजी मोबाइल नंबर भी अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी ने सभी निजी शीतगृह स्वामियों एवं प्रबंधकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन एवं शुल्क जमा कर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर लें। दिनांक 31 दिसंबर के उपरांत प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा तथा संबंधित शीतगृह का लाइसेंस स्वतः निरस्त समझा जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर