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बैशाखी महोत्सव का रंगारंग समापन : भांगड़ा एवं गतका ने दर्शकों में भरा रोमांच

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बैशाखी महोत्सव का रंगारंग समापन : भांगड़ा एवं गतका ने दर्शकों में भरा रोमांच


बैशाखी महोत्सव का रंगारंग समापन : भांगड़ा एवं गतका ने दर्शकों में भरा रोमांच


प्रयागराज, 21 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ’बैसाखी महोत्सव’ का समापन मंगलवार की शाम को हुआ। जिसमें पंजाब की सतरंगी संस्कृति के ऐसे रंग बिखरे कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। ढोल की थाप, गूंजते लोकगीत और कलाकारों के अदम्य उत्साह ने मिनी पंजाब से दर्शकों को रूबरू कराया।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरप्रीत प्लाहा एवं दल द्वारा प्रस्तुत ’लुड्डी’ नृत्य से हुई। जिस पर कलाकारों की नज़ाकत भरी अदाओं ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद मेजर सिंह एवं दल ने पंजाब की शान ’भांगड़ा’ पेश कर दर्शकों में ऊर्जा और जोश भर दिया। जबकि यूनिवर्सल आर्ट एंड कल्चर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा प्रस्तुत ’मलवई गिद्दा’ ने पंजाब की सोंधी खुशबू बिखेरी।

गतका का रोमांच-राष्ट्रपति अवॉर्डी गुरप्रीत सिंह एवं दल ने जब तलवार, अकलदान, जाल और भाले जैसे पुरातन शस्त्रों के साथ युद्ध कला का प्रदर्शन किया, तो रोमांच से दर्शकों की सांसें थम गईं।

पारम्परिक वेशभूषा ने जीता दिल

समापन संध्या पर कलाकारों का पारम्परिक वेशभूषा आकर्षण का केंद्र रहा। भांगड़ा कलाकारों द्वारा पहनी गई चमकदार रेशमी फुम्मन वाली पगड़ियां, गोटेदार बास्कट और झिलमिलाते लूंगी-कुर्ते मंच की रोशनी में जगमगा रहे थे। वहीं, महिला कलाकारों ने भारी कढ़ाई वाले फुलकारी दुपट्टे, गोटा-पट्टी से सजे पटियाला सूट और पारम्परिक आभूषणों के साथ पंजाब की संस्कृति की झलक पेश की। गतका दल के वीर योद्धा अपने पारम्परिक नीली और केसरिया बाने (पोशाक) में बेहद प्रभावशाली नज़र आ रहे थे।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राज बबेजा, विशिष्ट अतिथि सरदारनी गोविन्द कौर, सरदारनी सरनजीत कौर, सुखमिंदर कौर बराड़ (अध्यक्ष, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी), केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, डॉ. मुकेश उपाध्याय (उप निदेशक, कार्यक्रम) एवं श्रीमती कल्पना सहाय (कार्यक्रम सलाहकार) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम को अपनी सुरीली आवाज़ से पिरोने का कार्य मनमोहन सिंह ’तन्हा’ द्वारा किया गया। केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी कलाकारों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी एवं उन्हें पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र