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साइबर सुरक्षा को लेकर आईआईटी कानपुर और सीआईएसएफ के बीच हुआ एमओयू

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साइबर सुरक्षा को लेकर आईआईटी कानपुर और सीआईएसएफ के बीच हुआ एमओयू


कानपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। तेजी से बदलते साइबर खतरों के बीच सीआईएसएफ कर्मियों को साइबर सुरक्षा की आधुनिक तकनीकों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बातें बुधवार काे सीआईएसएफ के आईजी/एपीएस-I सेंथिल अवूदय कृष्ण राज एस. ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सी3आईहब और सीआईएसएफ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान कही।

सी3आईहब, आईआईटी कानपुर और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के बीच हुए इस समझौते के तहत सीआईएसएफ कर्मियों के लिए छह सप्ताह का आवासीय साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आईआईटी कानपुर परिसर में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मियों के तकनीकी ज्ञान, कार्यक्षमता और साइबर घटनाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना है।

प्रशिक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी और नेटवर्किंग की बुनियादी अवधारणाओं के साथ साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर घटनाओं का प्रबंधन, सुरक्षा कमजोरियों की पहचान, सेवाओं की बहाली और कामकाज को लगातार जारी रखने जैसे विषय शामिल होंगे। कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अभ्यास, विशेषज्ञ सत्र और विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित गतिविधियां भी कराई जाएंगी।

कार्यक्रम में क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और परिचालन प्रौद्योगिकी जैसी उभरती तकनीकों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग, डीपफेक, क्लाउड पर डेटा की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों, पहचान की चोरी और डिजिटल प्रणालियों से जुड़े जोखिमों के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक जीवन जैसी साइबर हमले की परिस्थितियां तैयार कर प्रतिभागियों को उनका सामना करने का अभ्यास कराया जाएगा। इसमें समय पर निर्णय लेने और विभिन्न टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर साइबर घटना से निपटने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। प्रशिक्षण गैर-व्यावसायिक आधार पर होगा और इसके लिए प्रतिभागियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

समझौता ज्ञापन पर सीआईएसएफ के आईजी/एपीएस-I सेंथिल अवूदय कृष्ण राज एस. और सी3आईहब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनीमा हाजरा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर कार्यक्रम निदेशक प्रो. सुरेंदर बसवाना, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. रास द्विवेदी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा और मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार मिश्रा मौजूद रहे।

सी3आईहब, आईआईटी कानपुर में स्थापित प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र है, जो साइबर-भौतिक प्रणालियों की सुरक्षा के क्षेत्र में काम करता है। केंद्र सुरक्षा कमजोरियों की पहचान, सुरक्षा उपकरणों के विकास, नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने पर भी कार्य करता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप