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रायबरेली पहुंची चिन्मय अमृत यात्रा का हुआ स्वागत, आध्यात्मिक एवं ज्ञान परंपरा को जन जन तक पहुंचाने का अभियान

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रायबरेली पहुंची चिन्मय अमृत यात्रा का हुआ स्वागत, आध्यात्मिक एवं ज्ञान परंपरा को जन जन तक पहुंचाने का अभियान


— विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं चिन्मय परिवार ने श्रद्धा और उत्साह से किया अभिनंदन

रायबरेली, 29 अगस्त(हि. स.)। प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय संस्था चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की आध्यात्मिक एवं ज्ञानपरंपरा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए चल रही चिन्मय अमृत यात्रा” का शनिवार को चिन्मय विद्यालय, एनटीपीसी ऊँचाहार में भावपूर्ण स्वागत किया गया। विजडम ऑन व्हील्स के माध्यम से यह यात्रा जन जन तक ज्ञान का प्रसार कर रही है। यात्रा में शामिल वाहनों में गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी की पावन स्मृतियों, उनकी पादुकाओं व अनेक ग्रंथ रखे गए हैं,जिसका उद्देश्य वेदांत के शाश्वत ज्ञान का संदेश आमजन तक पहुंचाना है।

यात्रा का नेतृत्व चिन्मय मिशन के स्वामी मित्रानंद कर रहे हैं। उनके साथ चिन्मय मिशन के कई ब्रह्मचारी एवं स्वामिनी भी यात्रा में सम्मिलित रहे। चिन्मय विद्यालय ऊँचाहार में यात्रा वाहन के पहुँचते ही वातावरण श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक भाव से भर गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष कुमार स्वामी के नेतृत्व में सम्पूर्ण चिन्मय परिवार, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने यात्रा का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी की पावन पादुकाओं के दर्शन करना लोगों के लिए विशेष भावनात्मक एवं आध्यात्मिक क्षण रहा।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष कुमार स्वामी ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का ऊँचाहार आगमन विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव एवं सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी ने भारतीय ज्ञानपरंपरा को आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाने का जो महान कार्य किया, चिन्मय अमृत यात्रा उसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाली एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुदेव के जीवन एवं संदेश से प्रेरणा लेकर ज्ञान, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभावना को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में चल रही यह अमृत यात्रा 31 दिसंबर 2025 को चिन्मय विभूति, पुणे से प्रारंभ हुई थी और इसका समापन 23 से 25 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में प्रस्तावित है। “विजडम ऑन व्हील्स — ज्ञान का चलता-फिरता प्रसार” के रूप में देशभर में भ्रमण कर रही यह 295-दिवसीय राष्ट्रीय आध्यात्मिक यात्रा चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की ज्ञान, साधना और सेवा-परंपरा का जीवंत उत्सव है। यह यात्रा भारत के विभिन्न शहरों एवं गाँवों तक उपनिषदों और भगवद्गीता के शाश्वत संदेश, जीवन-मूल्यों, आत्मबोध तथा भारतीय संस्कृति को पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रजनीश पांडे