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चाइनीज मांझा के उपयोग और बिक्री पर सात साल तक जेल, एक लाख जुर्माना : जिलाधिकारी

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चाइनीज मांझा के उपयोग और बिक्री पर सात साल तक जेल, एक लाख जुर्माना : जिलाधिकारी


चाइनीज मांझा के उपयोग और बिक्री पर सात साल तक जेल, एक लाख जुर्माना : जिलाधिकारी


जौनपुर,19 जनवरी (हि .स.)। यूपी के जौनपुर में चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार को जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है। उल्लंघन करने पर 7 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-5 और धारा-15 के तहत इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर 5 वर्ष तक का कारावास या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 5000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा।

यदि यह असफलता एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रहती है, तो अपराधी को 7 वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों (EOs) को भी अपने नगर निकायों में चाइनीज मांझे के विरुद्ध अभियान चलाने और इसके भंडारण को नष्ट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी निकाय में मांझे का भंडारण या विक्रय पाया गया, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, बैठक में वृक्षारोपण से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उन विभागों को दो दिनों के भीतर पौधारोपण के बाद जीवितता सफलता प्रतिशत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिन्होंने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। साथ ही, वृक्षारोपण के लक्ष्य, पौधों के अनुरक्षण, सुरक्षा, सिंचाई, जीपीएस इनेबल्ड व्हीकल और प्लास्टिक व चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव