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बचपन प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार: डीएम गजल भारद्वाज

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बचपन प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार: डीएम गजल भारद्वाज


-बाल श्रम रोकथाम हेतु प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी ,पूरे जिले में चलेगा जागरूकता अभियान

महोबा, 12 जून (हि.स.)।यूपी के महोबा में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने जिले भर में व्यापक प्रचार प्रसार के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा रवाना किया। प्रचार वाहन के माध्यम से जिले भर की समस्त नगर पालिकाओं और नगर पंचायत क्षेत्रों में घूम घूमकर बाल श्रम रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

जिले की डीएम गजल भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर से बाल श्रम की रोकथाम हेतु व्यापक प्रचार प्रसार के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखा रवाना किया गया है।

डीएम ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह बच्चों को उनके बचपन और अंतनिर्भरता से वंचित कर देता है।बचपन प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार है। यह जीवन का वह स्वर्णिम काल होता है जब आंखों में इंद्रधनुषी सपने होते हैं। मन में असीम जिज्ञासाएं होती हैं और भविष्य अनंत संभावनाओं से भरा दिखाई देता है। किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके बच्चों की मुस्कान, उनकी शिक्षा और उनके सुरक्षित बचपन से होती है। पर विडंबना यह है कि आज भी दुनिया के करोड़ों बच्चे उस बचपन से वंचित हैं, जो उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।

यदि किसी बच्चे के हाथों में किताबों के स्थान पर औजार हों, यदि उसके कंधों पर सपनों की जगह श्रम का असमय बोझ हो, तो विकास के सभी दावे खोखले और अधूरे प्रतीत होते हैं।बचपन किसी कारखाने की भट्ठी में जलने, खदानों की अंधेरी सुरंगों में खो जाने या घरेलू श्रम की बेड़ियों में जकड़े रहने के लिए नहीं है। वह तो जिज्ञासा, सीखने, सृजन, खेल, कल्पना और अनंत संभावनाओं के उजास में खिलने के लिए होता है।

डीएम ने बताया कि प्रचार वाहन सभी शहरी क्षेत्रों, कस्बों , नगर पालिकाओं, एवं नगर पंचायतों में बाल श्रम की रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार प्रसार कर आमजनमानस को जागरूक करेंगे। इस मौके पर एडीएम कुंवर पंकज सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी