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सब्सिडी युक्त उर्वरकों का शत-प्रतिशत विक्रय पीओएस मशीनों के माध्यम से ही हो सुनिश्चित : मुख्य सचिव

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सब्सिडी युक्त उर्वरकों का शत-प्रतिशत विक्रय पीओएस मशीनों के माध्यम से ही हो सुनिश्चित : मुख्य सचिव


मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं कृषि संबंधी विषयों पर दिए विस्तृत दिशा-निर्देश

लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर विभिन्न जनकल्याणकारी एवं कृषि संबंधी विषयों पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में विशेष रूप से गेहूँ खरीद व्यवस्था, किसान पंजीकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना तथा उर्वरक वितरण प्रणाली की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में गेहूँ खरीद 30 मार्च से प्रारम्भ हो चुकी है और सभी जनपदों में इसे प्रभावी रूप से संचालित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष बचे सभी क्रय केन्द्रों को तत्काल क्रियाशील किया जाए तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त गेहूँ क्रय केन्द्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि अधिक से अधिक कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई किसान क्रय केन्द्र पर बिना पूर्व पंजीकरण के आता है, तो केन्द्र प्रभारी स्वयं उसका पंजीकरण कराते हुए तत्काल खरीद की प्रक्रिया पूर्ण करें।

उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एग्रीस्टैक एवं ई-पड़ताल के डाटा के आधार पर स्वचालित सत्यापन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश डाटा के माध्यम से सत्यापन संभव न हो, तो केन्द्र प्रभारी अभिलेखों के आधार पर स्वयं सत्यापन करते हुए खरीद सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी क्रय केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करते हुए उनकी सतत् कार्यशीलता बनाए रखने पर भी बल दिया।

मुख्य सचिव ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि क्रय केन्द्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों तथा उन्हें गेहूँ विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, जनपदों में निजी व्यापारियों द्वारा की जा रही गेहूँ खरीद पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अंतर्गत आच्छादित कृषकों के फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि 30 अप्रैल तक सभी पात्र कृषकों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। इसके लिए 6 से 15 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सचिवालयों में विशेष अभियान चलाकर शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से शेष कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ नाम संबंधी त्रुटियों का भी तत्काल निराकरण किया जाए। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें लेखपालों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत के कम से कम एक शिविर में उपस्थित रहने को कहा गया।

उर्वरकों की आपूर्ति, उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सब्सिडी युक्त उर्वरकों का शत-प्रतिशत विक्रय पीओएस मशीनों के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। सभी बिक्री केन्द्रों पर उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की नियमित समीक्षा आईएफएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाए। यह भी कहा कि प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर कृषि एवं राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा। साथ ही गैर-कृषि क्षेत्रों जैसे प्लाईवुड उद्योग एवं पशु आहार निर्माण इकाइयों में उर्वरकों के संभावित डायवर्जन पर सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग तथा अनावश्यक अग्रिम भंडारण से बचने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया। अंतर्राष्ट्रीय एवं अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा