उर्सला, जीएसवीएम और कार्डियोलॉजी सोलर से रोशन, अब एचबीटीयू की तैयारी
-कार्डियोलॉजी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और उर्सला समेत प्रमुख सरकारी संस्थानों में शुरू हुई सौर ऊर्जा आपूर्ति
-एचबीटीयू में 1300 किलोवाट का सोलर प्रोजेक्ट प्रगति पर, गंगा बैराज में भी तेजी से बढ़ रहा काम
कानपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन स्टेट विजन के तहत कानपुर में सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। मेडिकल कॉलेज, कार्डियोलॉजी और उर्सला समेत प्रमुख सरकारी संस्थानों में सोलर प्लांट चालू हो चुके हैं, जबकि एचबीटीयू में शहर का सबसे बड़ा 1300 किलोवाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों की बिजली पर निर्भरता को कम करना है, जिससे हर महीने बिजली बिलों पर खर्च होने वाले भारी-भरकम सरकारी राजस्व की बचत हो सके। बता दें कि जनपद में 2025-26 में 6590 किलोवाट का पॉवर परचेज एग्रीमेंट किया गया है।
इन संस्थानों में काम पूरा
शहर के सबसे व्यस्त रहने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में 500 किलोवाट क्षमता का प्रोजेक्ट पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इसी तरह, यूएचएम डिस्ट्रिक्ट मेल अस्पताल में 308 किलोवाट क्षमता का और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में दो हिस्सों में 1300 किलोवाट क्षमता के प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया गया है। इन सभी जगहों पर अब सौर ऊर्जा से बिजली की सप्लाई शुरू हो गई है।
वहीं दूसरी तरफ, जिन महत्वपूर्ण सरकारी विभागों और संस्थानों में इस समय सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है (इंस्टॉलेशन प्रोग्रेस), उसमें गंगा बैराज भी शामिल है। शहर को को शुद्ध पेयजल की सप्लाई देने वाले जल संस्थान ज़ोन-6 गंगा बैराज नवाबगंज के 440 किलोवाट वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में सबसे बड़ा 1300 किलोवाट का काम चल रहा है।
37वीं वाहिनी पीएसी में 426 किलोवाट, पुलिस लाइन कानपुर में 280 किलोवाट, कल्याणपुर थाने में 44 किलोवाट, पनकी थाने में 60 किलोवाट और कोतवाली थाने में 39 किलोवाट पर काम शुरू होगा। राजकीय आईटीआई पांडु नगर में 262 किलोवाट, विकास निदेशालय (तकनीकी शिक्षा) में 90 किलोवाट, गवर्नमेंट लेदर इंस्टीट्यूट में 56 किलोवाट, गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग सेंटर में 40 किलोवाट और एक अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 35 किलोवाट क्षमता के पैनल लगाने का काम भी शुरू किया जाएगा।
इस मुहिम के अगले चरण में शहर के उन दफ्तरों और इमारतों को लिया गया है, जहाँ आने वाले दिनों में काम शुरू होना अभी बाकी है। इस सूची में जेएमयू प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 960 किलोवाट, जवाहर लाल नेहरू बैराज नवाबगंज की 701 किलोवाट और गंगा बैराज नवाबगंज की ही एक अन्य यूनिट (मैनेजर ई/एम यूनिट) की 800 किलोवाट की परियोजनाएं शामिल हैं। इनके अलावा पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में 700 किलोवाट, ट्रैफिक पुलिस लाइन में 1000 किलोवाट, स्टेट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में 93 किलोवाट, कोतवाली फजलगंज में 30 किलोवाट और अलग-अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्रमशः 35 किलोवाट, 33 किलोवाट, 30 किलोवाट, 73 किलोवाट, 39 किलोवाट और 35 किलोवाट क्षमता का काम आगामी दिनों में शुरू किया जाएगा।
यूपीनेडा परियोजना अधिकारी राकेश पांडेय ने मंगलवार को कहा कि कानपुर नगर को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक मॉडल सिटी के रूप में स्थापित करने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। प्रथम चरण में मॉडल के अंतर्गत बड़े अस्पतालों और संस्थानों में सोलर पैनल क्रियाशील कर दिए गए हैं, जो विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शेष विभागों, पुलिस थानों और तकनीकी कॉलेजों में भी कार्य को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को सक्रिय कर दिया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने कहा कि सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने से न केवल बिजली बिलों का वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि आम जनता को मिलने वाली जन-सुविधाओं की निरंतरता भी बनी रहेगी। प्रगति पर चल रहे कार्यों की दैनिक स्तर पर निगरानी की जा रही है, ताकि इन्हें अविलंब पूर्ण किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

