आचरण और मर्यादा ही मनुष्य का वास्तविक आभूषण : श्रीजियर स्वामी
- श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के सातवें दिन संत समाज और श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व समागम
- श्रीजियर स्वामी ने धर्म, मर्यादा और मानव जीवन के मूल तत्वों का दिया गूढ़ संदेश
अयोध्या, 25 मार्च (हि.स.)। अयोध्या की पावन धरती इन दिनों वैदिक मंत्रों, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित है। यहां राजघाट पर चल रहे 10 दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के सातवें दिन बुधवार को संत समाज और श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व समागम देखने को मिला। श्रीजियर स्वामी के ओजस्वी प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और मानव जीवन के मूल तत्वों का गूढ़ संदेश दिया।
श्रीजियर स्वामी ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य का वास्तविक आभूषण उसका आचरण और उसकी मर्यादा है। यदि मनुष्य अपनी मर्यादा से विचलित हो जाता है तो वह अन्य जीवों से भिन्न नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि इस सृष्टि में 84 लाख योनियों में केवल मनुष्य ही ऐसा प्राणी है, जिसे विवेक और मर्यादा का पालन करने की क्षमता मिली है, फिर भी वही इसका उल्लंघन करता है। अन्य सभी जीव चाहे मांसाहारी हों या शाकाहारी प्रकृति द्वारा निर्धारित मर्यादा में ही जीवन यापन करते हैं।
जीव हिंसा पर जताई चिंता, बोले- हर जीव में परमात्मा का वास
स्वामीजी ने विशेष रूप से जीव हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी जीव को मारकर भोजन करना न तो धर्मसम्मत है और न ही मानवीय। हर जीव में परमात्मा का वास है, इसलिए किसी को कष्ट देना उचित नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म और अधर्म साथ-साथ नहीं चल सकते। अच्छे कर्म का फल अच्छा और बुरे कर्म का फल बुरा ही होता है।
मुख्य आकर्षण रहा बाल ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार
महायज्ञ के सातवें दिन का मुख्य आकर्षण सैकड़ों बाल ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार रहा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें यज्ञोपवीत धारण कराया गया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया।
ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अवसर
बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु स्वामीजी के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। अयोध्या के प्रतिष्ठित मठ-मंदिरों के संत-महात्माओं ने भी स्वामीजी से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। संतों ने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि पर एक ही यज्ञ मंडप में 5000 यजमानों द्वारा एक साथ आहुति देना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है।
आम से लेकर खास तक सभी एकसूत्र में बंधे
मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि यज्ञ समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में प्रचारक कमलेश सिंह, राहुल सिंह, रोहित सिंह, दीपक तिवारी और बच्चा उर्फ रामानुज दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सेवक इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक भी प्रतिदिन स्वामीजी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और अयोध्या के प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन कर रहे हैं।
28 मार्च को होगी पूर्णाहुति, भारी भीड़ उमड़ने की संभावना
महायज्ञ की पूर्णाहुति 28 मार्च को होगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

