चन्द्रभानु गुप्त का जीवन त्याग और मूल्यों की राजनीति का प्रेरणास्रोत : सतीश महाना
लखनऊ, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.चन्द्रभानु गुप्त ने सदैव सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति की। वर्तमान समय में जहां कई बार समायोजन की राजनीति देखने को मिलती है, वहीं सिद्धांतवादी व्यक्ति को अपने मार्ग पर चलने में कभी परेशानी नहीं होती। चन्द्रभानु गुप्त ने शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। यह बातें उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को रवीन्द्रालय प्रेक्षागृह चारबाग में आयोजित “चन्द्रभानु गुप्त राष्ट्र गौरव सम्मान-2026” समारोह को संबोधित करते हुए कही।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि चन्द्रभानु गुप्त के नाम से दिया जाने वाला सम्मान अत्यंत गौरवपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और मूल्यों की राजनीति के लिए समर्पित किया। कार्यक्रम का आयोजन मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी एवं भारत सेवा संस्थान द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी स्वर्गीय चन्द्रभानु गुप्त की 125वीं जयंती के अवसर पर किया गया।
श्री महाना ने कहा कि चन्द्रभानु गुप्त ने जो मानक स्थापित किए हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं। चन्द्रभानु गुप्त के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी को समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर चन्द्रभानु गुप्त राष्ट्र गौरव सम्मान-2026 के अंतर्गत कृषि एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम कठिन सिंह तथा समाज सेवा एवं दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉ. हेमन्त भाई गोयल को सम्मानित किया गया। दोनों विभूतियों को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मोतीलाल मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, महामंत्री राजेश सिंह, भारत सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक बाजपेयी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

