खेत में पराली को आग लगाने से सूक्ष्म जीव व मिट्टी की उर्वरता पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव : डॉ खलील खान
कानपुर, 17 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदर्शन के कानपुर जनपद में कम्पनी बाग़ स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर में फसल अवशेष प्रबंधन पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। यह जानकारी शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने फ़सल अवशेषों से बनाए जा सकने वाली कंपोस्ट को बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि खेत में पराली को आग लगाने से मिट्टी में विद्यमान् सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की संख्या में बहुत नुक़सान होता है। जिससे मिट्टी की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने फ़सल अवशेष प्रबंधन के अन्य विकल्पों जैसे पराली से बायो गैस उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पैकिंग सामग्री के रूप में फसल अवशेषों के उपयोग आदि पर भी प्रकाश डाला।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर राजेश राय ने बताया कि गेहूं-धान फ़सल चक्र में काफ़ी मात्रा में फसल अवशेष उत्पन्न होते हैं। गेहूं की पराली पशुओं के चारे के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। उन्होंने बताया कि धान की कम अवधि की किस्मों की बुआई से धान की पराली प्रबंधन के लिए लगभग एक महीने का पर्याप्त समय मिल जाता है इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल संरक्षण तथा पराली न जलाने के लिए खुद भी प्रेरित हो व और साथी किसानों को भी जागरूक करें ताकि हम होने वाली पीढिय़ों के लिए एक वातावरण बचा सकें।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने मृदा संरक्षण व गेहूं की बुवाई में इस्तेमाल होने वाली मृदा संरक्षण केंद्रित मशीनों जैसे ज़ीरो ट्रिल ड्रिल, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर के बारे में बताया व उनके प्रयोग से मृदा के भाैतिक गुणों में होने वाले सुधार के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ शशिकांत ने विभिन्न मशीनों के द्वारा किए जाने वाले पराली प्रबंधन से होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी व उन्हे पराली से होने वाले विभिन्न व्यवसायाें व उनमें मिलने वाली सब्सिडी के बारे में बताया।
डॉ निमिषा अवस्थी ने भी किसान भाइयों को संबोधित किया। इस मौके पर शुभम् यादव 25 किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया व उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद

