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मेडिकल टेक्नोलॉजी में मजबूत नवाचार इकोसिस्टम हमारी प्राथमिकता: प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल

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मेडिकल टेक्नोलॉजी में मजबूत नवाचार इकोसिस्टम हमारी प्राथमिकता: प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल


कानपुर, 20 अप्रैल (हि.स.)। आईआईटी कानपुर में मेडिकल साइंसेज और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मजबूत और नवाचार आधारित इकोसिस्टम विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। गैंगवाल स्कूल के माध्यम से हम डिजिटल हेल्थ, मेडिकल रोबोटिक्स और उन्नत चिकित्सा तकनीकों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रो. अनिल के. लालवानी का अनुभव और नेतृत्व इस दिशा में संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह बातें सोमवार को आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कही।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने प्रो. अनिल के. लालवानी, एम.डी., को गैंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (जीएसएमएसटी) का प्रथम डीन नियुक्त करने की घोषणा की है। प्रो. लालवानी एक प्रसिद्ध चिकित्सक-वैज्ञानिक, शिक्षक और नवाचारकर्ता हैं और उनकी नियुक्ति को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रो. लालवानी वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में ओटोलरिंजोलॉजी (कान, नाक और गला) तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं। इसके साथ ही वे एसोसिएट डीन (स्टूडेंट रिसर्च) और वाइस चेयर (रिसर्च) के पद पर भी कार्यरत हैं। वे कोलम्बिया वेगेलोस कॉलेज ऑफ फिजीशियंस एंड सर्जन्स में कोक्लियर इम्प्लांट सेंटर के सह-निदेशक और न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन हॉस्पिटल में मेडिकल डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन फ्रांसिस्को जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी कार्य किया है। प्रो. लालवानी सुनने से जुड़ी बीमारियों और सर्जरी के क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों में शामिल हैं। उनका शोध कार्य जेनेटिक्स, जीन थेरेपी और आंतरिक कान में दवा पहुंचाने की उन्नत तकनीकों पर केंद्रित है, जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ का सहयोग प्राप्त है।

प्रो. लालवानी ने 275 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित किए हैं और उनका h-index 75 है। वे “फ्रंटियर्स इन ऑडियोलॉजी एंड ओटोलॉजी” जर्नल के संस्थापक संपादक भी हैं। उन्हें 2026 का एआरओ इनोवेटर अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।

आईआईटी कानपुर का यह कदम आधुनिक चिकित्सा और इंजीनियरिंग के समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संस्थान का लक्ष्य उन्नत तकनीकों के जरिए सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करना है, जिससे देश और दुनिया में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप