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दूसरे दलाें ने ओबीसी समाज का चुनावी स्वार्थ के लिए किया उपयाेग: मायावती

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दूसरे दलाें ने ओबीसी समाज का चुनावी स्वार्थ के लिए किया उपयाेग: मायावती


लखनऊ, 16 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को पार्टी की बैठक की। बैठक के बाद जारी

एक बयान में मायावती काे आयरन लेडी बताते हुए बसपा ने अन्य दलाें पर राजनीति स्वार्थ के लिए पिछड़ा वर्ग (ओबीसी समाज) के उपयाेग करने का आराेप लगाया।

मायावती ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी समाज) का हित और कल्याण बसपा की आयरन लेडी सरकार में ही निहित है जबकि अन्य दूसरी पार्टी में नहीं है। विरोधी पार्टियों के भीतर व उनकी सरकारों में भी राजनीतिकि और चुनावी स्वार्थ के तहत व्यकितगत तौर पर किसी को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन ओबीसी समाज की राजनितिक, आर्थिक विकास और उन्नति के लिए इन पार्टियों का रवैया ज्यादातार संकीर्ण रहा है। उन्होंने शिक्षा और नौकरियों में मिलने वाली 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को कमजोर करने का मुद्दा उठाया है। जबकि बसपा की सरकार में ओबीसी समाज को भागीदारी दी थी। साथ ही पूरे आत्मसम्मान के साथ जीने हक दिया गया। उन्हाेंने कहा कि बसपा ने सदियों से यहां उपेक्षित समाज के महापुरुषों को पूरा सम्मान देकर सामाजिक परिवर्तन और अर्थिक मुक्ति को मजबूत आधार देने का प्रयास किया, जबकि विरोधी पार्टियों की सरकारों में इसको शून्य करने का अनुचित प्रयास किया गया।

मायावती ने बताया कि दलित और ओबीसी वर्ग के सभी लोगों का सही से सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक विकास के लिए देश में पहली बार बसपा सरकार ने अलग-अलग मंत्रालय, मंत्री, आयोग और विशेष विकास योजनाएं बनाईं। जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में अब यह सब काम सिर्फ कागज पर नाम के रहे गए हैं। उन्हाेंने आराेप लगाया कि सरकारों की नीयत और नीति में ईमानदारी नहीं है, बल्कि खोट ज्याद लगती है। इसकी वजह से ओबीसी समाज की हालत सुधर नहीं पा रही है। किंतु रोना रोते रहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि असली हल सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेने की ललक पैदा करके बसपा के जरिए शोषित से शासक वर्ग बनना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक