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पर्यूषण पर्व : आर्जव धर्म का अर्थ हाेता है मन, वचन और कर्म में सरलता लाना

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पर्यूषण पर्व : आर्जव धर्म का अर्थ हाेता है मन, वचन और कर्म में सरलता लाना


पर्यूषण पर्व : आर्जव धर्म का अर्थ हाेता है मन, वचन और कर्म में सरलता लाना


मुरादाबाद, 18 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रामगंगा विहार मुरादाबाद में पर्यूषण पर्व का तीसरा दिवस उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। सुबह-शांति धारा अभिषेक में पूजा पाठ में विधान में भक्तों की अपार भीड़ थी। सायंकाल संगीतमय आरती भक्ति नृत्य के साथ हुई। आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी महाराज ने आर्जव धर्म का अर्थ : मन वचन और कर्म में सरलता लाना है।

शुक्रवार को श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा के पुण्यार्जक परिवार महिमा जैन, ऋतु जैन, पारिजात जैन, छवि जैन, यशवर्धन जैन, आशा जैन, धीरज जैन, नेहा जैन, नीरज जैन, सपना जैन, सागर जैन, श्रेया जैन, सम्यक जैन, प्रकृति जैन रहे। विधान कर्ता परिवार महिमा जैन, ऋतु जैन, पारिजात जैन, छवि जैन, यशवर्धन जैन, आशा जैन, धीरज जैन, नेहा जैन, नीरज जैन, सपना जैन, सागर जैन, श्रेया जैन, सम्यक जैन, प्रकृति जैन रहे।

उत्तम आर्जव धर्म पर आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी महाराज ने बहुत ही अच्छे से आर्जव धर्म का व्याख्यान करते हुए कहा कि आर्जव धर्म का अर्थ : मन वचन और कर्म में सरलता लाना। उन्होंने बताया कि इंसान जैसा अंदर से है वैसा ही बाहर से होना चाहिए।

उत्तम आर्जव धर्म पर महिला अध्यक्ष सुषमा जैन ने बताया कि जैन धर्म में उत्तम मार्ग धर्म का अर्थ है छल कपट दिखावा और स्वार्थ से दूर रहना है। सरलता ही सुंदरता है, निष्कपटता ही महानता है, जहां मन वचन कर्म में एकरूपता होती है वही उत्तम आर्जव धर्म की अनुभूति होती है। इस मौके पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रामगंगा विहार के अध्यक्ष संदीप जैन, मंत्री नीरज जैन, महिला इकाई की अध्यक्ष सुषमा जैन, सजल, रीमा जैन, छवि जैन, रुक्मणी जैन, उषा जैन, शशि जैन, मधु जैन, शुभ्रा जैन, स्मिता जैन, राजेश जैन, मनोज जैन, राजीव डब्बू जैन, प्रदीप जैन, पंकज जैन आदि काफी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल