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पुस्तकें मानव जीवन का अभिन्न अंग

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पुस्तकें मानव जीवन का अभिन्न अंग


फर्रुखाबाद,23 अप्रैल (हि.स.)। आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक दिवस का आयोजन किया गया। विद्यालय के छात्र - छात्राओं ने जीवन में पुस्तकों के महत्त्व को दर्शाते हुए एक लघु नाटिका प्रार्थना सभा के दौरान प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को सदैव पुस्तकों को पढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पुस्तकें ज्ञान का अक्षय भण्डार हैं। ये हमारी अभिन्न मित्र भी हैं।आज के इण्टरनेट युग में भी पुस्तकों की अपनी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय की छात्राओं आरजू और दीप्ति ने एक कविता के माध्यम से बताया कि पुस्तकें दीपक की तरह जलकर मानव के मन रूपी सूने आंगन में ज्ञानरूपी उजाले के साथ एक नयी सुबह लेकर आती हैं। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने सभी बच्चों को निरन्तर पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें पुस्तकों से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। पुस्तकें मां की ममता और गुरुजनों की शिक्षा का उपहार होती हैं। ये जीवन के हर कठिन समय में हमारा मार्गदर्शन करती हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्णिमा अग्निहोत्री और डॉ. शिवाली वर्मा ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar