पूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से गूंजा बीएनएसडी शिक्षा निकेतन
कानपुर, 25 सितंबर (हि.स.)। ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विद्यार्थियों को राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने के लिए पूर्ण वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन कराया गया। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से जोड़ने का माध्यम है, यह बातें शुक्रवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के प्रधानाचार्य ब्रजमोहन कुमार सिंह ने कही।
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली की ओर से आयोजित देशव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार आज विद्यालय के विशाल सभागार में आयोजन हुआ। इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक और शिक्षिकाओं ने एक साथ शामिल होकर राष्ट्रगीत के सभी छह छंदों का सस्वर गायन किया। सामूहिक स्वर में वन्दे मातरम् गूंजने से पूरा सभागार राष्ट्रभाव से ओतप्रोत नजर आया। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी विरासत से परिचित कराना आवश्यक है। वन्दे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना का भी प्रतीक है।
आयोजकों के अनुसार, ‘नमामि भारतम्’ के माध्यम से देशभर के विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को जोड़ते हुए राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकात्मता और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूर्ण वन्दे मातरम् के सभी छह छंदों का सामूहिक गायन इसी उद्देश्य की कड़ी रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

